रामचन्द्रसूरि

यादवाभ्युदय नाटक - इसमें कंसवघ, जरासंवघ और कृष्ण के अभिषेक की कथा दी गई है।
राघवाभ्युदय नाटक - इसमें सीता स्वयंवर से रावण वध की कथा दी गई है।
रघुविलास नाटक - राम वनवास से रावण वध की कथा दी गई है।
मल्लिकामकरंद प्रकरण - कथासरित्सागर के कथानक अनुसार इस नाटक में मल्लिका और मकरंद का विवाह होता है।
यदुविलास नाटक - यह नाटक अप्राप्य है।
कौमुदीमित्रानंद प्रकरण - कौमुदी और मित्रानंद के विवाह की कथा इसमे दी गयी हैं।
वनमाला नाटिका - यह नाटक अप्राप्य है।
रौहिणीमृगांक प्रकरण - यह नाटक अप्राप्य है।
नलविलास नाटक - महाभारत आधारित इस कथा में दमयंती विवाह से नल को पुनः राज्यप्राप्ति का वर्णन मिलता है।
निर्भयभीम व्यायोग - इसमें भीम द्वारा वनवास में बकासुर को मारने की कथा है।
सत्यहरिश्चन्द्र नाटक - पुराणों आधारित इस नाटक में हरिश्चन्द्र की कथा दी गई है।

1. शास्त्र
नाट्यदर्पण गुणभद्र के साथ - ४ विवेक और २३९ कारिका का नाट्य विषयक ग्रंथ।
द्रव्यालंकार - जैन न्याय विषयक ग्रंथ।
हेमबृहत्वृत्तिन्यास - व्याकरण विषयक ग्रंथ।

शिखन्डी

शिखन्डी महाभारत के एक पात्र का नाम था। ये किन्नर थे परन्तु युद्द कला में निपुण थे। महाभारत की कथा के अनुसार इनका पुर्वजन्म में नाम अम्बा था, जो एक राजकुमारी ...

गौतम

संस्कृत साहित्य में गौतम का नाम अनेक विद्याओं से संबंधित है। वास्तव में गौतम ऋषि के गोत्र में उत्पन्न किसी व्यक्ति को गौतम कहा जा सकता है अत: यह व्यक्ति का न...

चन्द्रवंशी

हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, चंद्र वंश हिंदू धर्म के क्षत्रिय या योद्धा-शासक वर्ग के चार प्रमुख वंशों में से एक है। संबन्धित पौराणिक कथाओं के अनुसार यह वंश...

माध्वी नाटक

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में ‘माध्वी’ का नाट्य-मंचन काशी के सांस्कृतिक गौरव की पहचान है। ‘माध्वी’ महाभारत के उद्योग पर्व से ली गई एक संवेदनशील कथा है। इसमें...

शब्दभेदी

शब्द भेदी धनुर्विद्या की एक कला है जिसमें ध्वनि के सहारे लक्ष्य भेदा जाता है। इस पद्धति से ल७्य को देखना या उसके सामने होना आवश्यक नहीं होता है। केवल लक्ष्य ...

नारद पंचरात्र

नारद पंचरात्र के नाम से एक प्रसिद्ध वैष्णव ग्रंथ है। इस ग्रन्थ में दस महाविद्याओं की कथा विस्तार से कही गई है। इस कथा के अनुसार हरी का भजन ही मुक्ति का परम क...