• चुटु राजवंश

    चुटु वंश के शासकों ने दक्षिण भारत के कुछ भागों पर ईसा पूर्व पहली शताब्दी से लेकर तीसरी शताब्दी तक शासन किया। उनकी राजधानी वर्तमान कर्नाटक के उत्तर कन्नड जिले...

  • चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य

    चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य गुप्त राजवंश का राजा। चन्द्रगुप्त द्वितीय महान जिनको संस्कृत में विक्रमादित्य या चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य के नाम से जाना जाता है; वह...

  • चन्द्रगुप्त प्रथम

    चंद्रगुप्त प्रथम गुप्त वंश के तृतीय किंतु प्रथम स्वतंत्र एवं शक्तिशाली नरेश। साधरणतया विद्वान्‌ उनके राज्यारोहण की तिथि 319-320 ई. निश्चित करते हैं। कुछ लोग ...

  • ग्वालियर स्टार

    ग्वालियर स्टार ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा ब्रिटिश सेना और अंग्रेजों के नेतृत्व वाली बंगाल सेना द्वारा प्रस्तुत सैन्य अभियान पदक है, जिसने 1843 में ग्वालियर अभि...

  • ग्वालियर अभियान

    मराठा साम्राज्य का मध्य और उत्तरी भारत के अधिकतर भाग पर नियंत्रण हुआ करता था, लेकिन 1818 में अंग्रेजों ने धीरे-धीरे भारतीय उपमहाद्वीप पर ब्रिटिश नियंत्रण जमा...

  • गोवा मुक्ति संग्राम

    गोवा मुक्ति संग्राम, गोवा मुक्ति आन्दोलन या गोवा मुक्ति संघर्ष सन् १९६१ में भारतीय सशस्त्र सेना द्वारा किया गया एक अभियान था जिसके परिणाम स्वरूप गोवा को पुर्...

  • गोलकोण्डा

    गोलकुंडा या गोलकोण्डा दक्षिणी भारत में, हैदराबाद नगर से पाँच मील पश्चिम स्थित एक दुर्ग तथा ध्वस्त नगर है। पूर्वकाल में यह कुतबशाही राज्य में मिलनेवाले हीरे-ज...

  • गोनन्द

    भारत के इतिहास में गोनन्द नाम के तीन राजा हुए जो प्राचीन काश्मीर के शासक थे। उन्हीं के लिये इस नाम का विशेष प्रयोग हुआ और कल्हण ने अपने काश्मीर के इतिहास राज...

  • गुर्जर प्रतिहार राजवंश

    गुर्जर प्रतिहार राजवंश की स्थापना नागभट्ट ने 725 ई. में की थी। उसने राम के भाई लक्ष्मण को अपना पूर्वज बताते हुए अपने वंश को सूर्यवंश की शाखा सिद्ध किया। "गुर...

  • गुप्तवंश (मागध अथवा मालव वंश)

    यह लेख पश्चातवर्ती तथा कम ज्ञात गुप्त राजवंश के बारे में है। अधिक प्रसिद्ध गुप्त राजवंश के लिये देखें - गुप्त वंश सम्राट आदित्यसेन के अपसड़ जिला गया एवं सम्र...

  • ग़ोरी राजवंश

    ग़ोरी राजवंश या ग़ोरी सिलसिला, जो अपने-आप को शनसबानी राजवंश बुलाया करते थे, एक मध्यकालीन राजवंश था जिसने ईरान, अफ़ग़ानिस्तान, पश्चिमोत्तर भारत, ख़ुरासान और आ...

  • ग़ज़नवी साम्राज्य

    ग़ज़नवी राजवंश एक तुर्क मुस्लिम राजवंश था जिसने ९७५ ईसवी से ११८६ ईसवी काल में अधिकाँश ईरान, आमू पार क्षेत्रों और उत्तरी भारतीय उपमहाद्वीप पर राज किया। इसकी स...

  • गयासुद्दीन बलबन

    गयासुद्दीन बलबन इसका वास्तविक नाम बहाउदीबहाउद्दीन था। दिल्ली सल्तनत में ग़ुलाम वंश का एक शासक था। उसने सन् 1266 से 1286 तक राज्य किया।वो न्याय प्रिय शासक था।...

  • ख़ान (उपाधि)

    ख़ान या ख़ाँ मूल रूप से एक अल्ताई उपाधि है जो शासकों और अत्यंत शक्तिशाली सिपहसालारों को दी जाती थी। यह समय के साथ तुर्की-मंगोल क़बीलों द्वारा पूरे मध्य एशिया...

  • कृष्णदेवराय

    विजयनगर साम्राज्य: कृष्णदेवराय 1509-1529 ई. ; राज्यकाल 1509-1529 ई. विजयनगर साम्राज्य के सर्वाधिक कीर्तिवान राजा थे। ये स्वयंयं कवि और कवियों के संरक्षक थे। ...

  • कुजुल कडफिसेस

    कुजुल कड़फिसेस का वास्तविक नाम ‘गुजुर कपिशिया’ हैं| Key Words- Kadphises, Kapisa, Kapasiya Gusura, Gujur, Gujar, Gurjar 135 ईसा पूर्व में कुषाण हिन्दू कुश पर...

  • कलिंग

    कलिंग पूर्व भारत में गंगा से गोदावरी तक विस्तृत एक शक्तिशाली साम्राज्य था। वर्तमान के ओडिशा, आन्ध्रकलिंग, छत्तीशगढ़, झारखण्ड और बंगाल और मध्य प्रदेश के कुछ ह...

  • कदंब राजवंश

    कदंब दक्षिण भारत का एक ब्राह्मण राजवंश। कदंब कुल का गोत्र मानव्य था और उक्त वंश के लोग अपनी उत्पत्ति हारीति से मानते थे। ऐतिहासिक साक्ष्य के अनुसार कदंब राज्...

  • कंपनी राज

    कंपनी राज का अर्थ है ब्रिटिश ईस्ट इण्डिया कम्पनी द्वारा भारत पर शासन। यह 1773 में शुरू किया है, जब कंपनी नेकोलकाता में एक राजधानी की स्थापना की है, अपनी पहली...

  • औरंगज़ेब

    अबुल मुज़फ़्फ़र मुहिउद्दीन मुहम्मद औरंगज़ेब आलमगीर जिसे आमतौपर औरंगज़ेब या आलमगीर के नाम से जाना जाता था भारत पर राज्य करने वाला छठा मुग़ल शासक था। उसका शासन...

  • ओड़िशा का इतिहास

    प्राचीन काल से मध्यकाल तक ओडिशा राज्य को कलिंग, उत्कल, उत्करात, ओड्र, ओद्र, ओड्रदेश, ओड, ओड्रराष्ट्र, त्रिकलिंग, दक्षिण कोशल, कंगोद, तोषाली, छेदि तथा मत्स आद...

  • एक्स फ़ोर्स

    एक्स फ़ोर्स चीन की राष्ट्रीय क्रांतिकारी सेना के अभियान बल के हिस्से को दिया गया नाम था जो 1942 में बर्मा से भारत में वापस आया। च्यांग काई-शेक ने 1942 में जा...

  • इत्सिंग

    इत्सिंग एक चीनी यात्री एवं बौद्ध भिक्षु था, जो ६७१-६९५ ई. में भारत आया था। वह ६७५ ई में सुमात्रा के रास्ते समुद्री मार्ग से भारत आया था और 10 वर्षों तक नालन्...

  • आपातकाल (भारत)

    25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक का 21 महीने की अवधि में भारत में आपातकाल घोषित था। तत्कालीन राष्ट्रपति फ़ख़रुद्दीन अली अहमद ने तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री इ...

  • आइन-ए-अकबरी

    आइन-ए-एकबरी, एक 16वीं शताब्दी का ब्यौरेवार ग्रन्थ है। इसकी रचना अकबर के ही एक नवरतन दरबारी अबुल फज़ल ने की थी। इसमें अकबर के दरबार, उसके प्रशासन के बारे में ...

  • अहीर (आभीर) वंश के राजा, सरदार व कुलीन प्रशासक

    अहीर एक विशुध्द चंद्रवंशी क्षत्रिय भारतीय जातीय समुदाय है, जो कि यादव नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि यादव व अहीर शब्द एक दूसरे के पर्यायवाची माने गए हैं। अब...

  • अमोघवर्ष नृपतुंग

    अमोघवर्ष नृपतुंग या अमोघवर्ष प्रथम भारत के राष्ट्रकूट वंश के महानतम शाशक थे। वे जैन धर्म के अनुयायी थे। इतिहासकारों ने उनकी शांतिप्रियता एवं उदारवादी धार्मिक...

  • अफ़शारी राजवंश

    अफ़शारी राजवंश १८वीं सदी ईसवी में तुर्क-मूल का ईरान में केन्द्रित राजवंश था। इसके शासक मध्य एशिया के ऐतिहासिक ख़ोरासान क्षेत्र से आये अफ़शार तुर्की क़बीले के...

  • अन्दीझ़ान

    अन्दीझ़ान या अन्दीजान मध्य एशिया के उज़्बेकिस्तान देश का चौथा सबसे बड़ा शहर है और उस देश के अन्दीझ़ान प्रान्त की राजधानी है। यह फ़रग़ना वादी में उज़्बेकिस्ता...

  • अग्रसेन

    महाराजा अग्रसेन एक पौराणिक समाजवाद के प्रर्वतक, युग पुरुष, राम राज्य के समर्थक एवं महादानी एवं समाजवाद के प्रथम प्रणेता थे। वे अग्रोदय नामक गणराज्य के महाराज...

भारत का इतिहास

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स च History of South Asia भ रत गणतन त र क इत ह स 26 जनवर 1950 क श र ह त ह र ष ट र क ध र म क ह स ज त व द, नक सलव द, आत कव द और व श षकर जम म
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भ रत क इत ह स म स न क उल ल ख व द र म यण तथ मह भ रत म म लत ह मह भ रत म सर वप रथम स न क इक ई अक ष ह ण उल ल ख त ह प रत य क अक ष ह ण
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Contribution to Our World s Material Temporal Culture भ रत म गण त क इत ह स प र च न भ रत म भ त क History of the Physical Sciences in India क ट ल य
स क क म क इत ह स तम ल न ड क इत ह स त ल ग न क इत ह स त र प र क इत ह स उत तर प रद श क इत ह स उत तर ख ड क इत ह स पश च म ब ग ल क इत ह स भ रत क आर थ क
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म र क सव द इत ह स - ल खन अ ग र ज Marxist historiography य historical materialist historiography क त त पर य म र क सव द व च रध र स प रभ व त इत ह स - ल खन
दक ष ण भ रत भ कहत ह अपन स स क त इत ह स तथ प रज त य म ल क भ न नत क क रण यह पहच न बन च क ह दक ष ण भ रत म ल कसभ क 130 स ट ह दक ष ण

आबाजी सोनदेव

बैलग रहा था प्रख्यात मराठा वीऔर छत्रपति शिवाजी के कप्तानों. वह अपने सैनिक ऐसे और अनुभव से कई युद्धों में सफलता प्राप्त की है । के १६४८ ई. वे अचानक हमला करके मुंबई थाना जिले के स्पष्ट मुसलमानों से छीन लिया था.
बैलग रहा था ओ छत्रपति शिवाजी मस्सा सरदार होते हैं । इन एंटी-हा Killa 1670 एक आता है शुरू में सभी से कनेक्ट करने के लिए वापस नरक में.

आम्रकार्दव

अमेरिकी चंद्रगुप्त विक्रमादित्य के कप्तान. वह बौद्ध था और साँची एक रिकॉर्ड से प्रमाणित है कि वह २५ दिनाऔर एक गांव, वहाँ रहे हैं दान करने के लिए समर्पित थे. अमेरिकी नाम विशेष रूप से एफए की धार्मिक सहिष्णुता का सबूत में उद्धृत किया जाता है. चंद्रगुप्त विक्रमादित्य परम मुद्दा है, परम वैष्णव थे, लेकिन सामान्य स्थिति के इस बौद्ध नियुक्त करने में उन्हें आपत्ति नहीं हुई है.

खयरवाल

ग्रामीण बारहवीं ई. बिहार में शाहाबाद जो इलाके पर शासन करने के लिए एक राजवंश । इस वंश के पहले राजा ने कहा कि यह गया था. अपने बेटे के लिनए और पोते पोर्टल हुआ. प्रताप धवल के कई रिकॉर्ड कर रहे हैं प्राप्त किया. इन लोगों Gharwal राजा की कार का निर्माण कर रहे थे । प्रैट, बेटा साहस की ओर से पोते वास्तव में थे. इंटेल ११९७ में शासन शुरू कर दिया है और इस वंश के प्रतापी शासक है. के बाद इस वंश के संबंध में विशेष जानकारी उपलब्ध नहीं है ।

डनया

एक का नाम है, जो चौधरी रहमत अली बनाया गया है, एक नए भारत को बनाने के लिए.
अपनी पुस्तक के सात है के भाग्य के लिए सातवीं महाद्वीप के Dinia चौधरी रहमत अली का प्रस्ताव है कि भारत का नाम ब्लेड के लिए "इनकार" और जोड़ने के मुस्लिम बहुल राज्य होने के लिए बनाया है ।

अंतलिखित

अंतलिखित तक्षशिला का हिंदू ग्रीक राजा। बेसनगर के स्तंभ लेख के अनुसार इस राजा ने अपने दूत दिय-के-पुत्र हेलियोदोरस को शुंगवंश के राजा अथवा भागभद्र के दरबार में...

अग्रसेन

महाराजा अग्रसेन एक पौराणिक समाजवाद के प्रर्वतक, युग पुरुष, राम राज्य के समर्थक एवं महादानी एवं समाजवाद के प्रथम प्रणेता थे। वे अग्रोदय नामक गणराज्य के महाराज...

अन्दीझ़ान

अन्दीझ़ान या अन्दीजान मध्य एशिया के उज़्बेकिस्तान देश का चौथा सबसे बड़ा शहर है और उस देश के अन्दीझ़ान प्रान्त की राजधानी है। यह फ़रग़ना वादी में उज़्बेकिस्ता...

अफ़शारी राजवंश

अफ़शारी राजवंश १८वीं सदी ईसवी में तुर्क-मूल का ईरान में केन्द्रित राजवंश था। इसके शासक मध्य एशिया के ऐतिहासिक ख़ोरासान क्षेत्र से आये अफ़शार तुर्की क़बीले के...

अमात्य राक्षस

अपने गुरु चाणक्य के कुशल मार्गदर्शन में चन्द्रगुप्त मौर्य ने नंद वंश के अंतिम सम्राट घननंद को पराजित कर दिया और मगध का सम्राट बन गया। युद्ध में नंद राज्य के ...

अमीचंद

अमीचन्द, संभवतः वास्तविक नाम अमीरचंद का बंगाली उच्चारण। उन षयन्त्रों के रचने में उसकी प्रमुख भूमिका थी जिनके परिणामस्वरूप प्लासी के युद्ध हुआ था। नितान्त स्व...

अमोघवर्ष नृपतुंग

अमोघवर्ष नृपतुंग या अमोघवर्ष प्रथम भारत के राष्ट्रकूट वंश के महानतम शाशक थे। वे जैन धर्म के अनुयायी थे। इतिहासकारों ने उनकी शांतिप्रियता एवं उदारवादी धार्मिक...

अम्बिका चक्रवर्ती

चटगाँव बंगाल शस्त्रागार केस के प्रसिद्ध क्रान्तिकारी और कम्युनिस्ट नेता अंबिका चक्रवर्ती का जन्म 1892 ई. में म्यांमार बर्मा में हुआ था। बाद में उनका परिवार च...

अम्लाट

गार्गीसंहिता के युगपुराणवाले स्कंध में एक शक आक्रमण का उल्लेख है जो मगध पर ल. 35 ई.पू. में हुआ था। इस आक्रमण का नेता शक अम्लाट था। अम्लाट संभवत: शकराज अयस्‌ ...

अलीपुर जेल प्रेस

अलीपुर जेल प्रेस अलीपुर जेल में स्थित है। इसका संचालन प्रेस और फ़ॉर्म्स विभाग, पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा किया जाता है जिसमें अलीपुर जेल के क़ैदियों से काम लि...

अलोर का चच

चच सातवीं शताब्दी के मध्य में सिंध पर राज करने वाला एक ब्राम्हण वंश का शाशक था। वह एक भूतपूर्व मंत्री और राजा राय साहसी का प्रमुख सलाहकारा था। राजा के मरने क...

अवन्तिवर्धन

अवंतिवर्धन अवंती के प्रद्योतकुल का अंतिम राजा जो संभवत: मगधराज शिशुनाग का समकालीन था। वैसे, पुराणों के अनुसार शैशुनाग वंश का प्रवर्तक शिशुनाग इस काल के पर्या...

अहमद शाह अब्दाली

"चित्|thumbnail| अहमद शाह अब्दाली, जिसे अहमद शाह दुर्रानी भी कहा जाता है, सन 1748 में नादिरशाह की मौत के बाद अफ़ग़ानिस्तान का शासक और दुर्रानी साम्राज्य का स...

अहीर (आभीर) वंश के राजा, सरदार व कुलीन प्रशासक

अहीर एक विशुध्द चंद्रवंशी क्षत्रिय भारतीय जातीय समुदाय है, जो कि यादव नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि यादव व अहीर शब्द एक दूसरे के पर्यायवाची माने गए हैं। अब...

आइन-ए-अकबरी

आइन-ए-एकबरी, एक 16वीं शताब्दी का ब्यौरेवार ग्रन्थ है। इसकी रचना अकबर के ही एक नवरतन दरबारी अबुल फज़ल ने की थी। इसमें अकबर के दरबार, उसके प्रशासन के बारे में ...

आपातकाल (भारत)

25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक का 21 महीने की अवधि में भारत में आपातकाल घोषित था। तत्कालीन राष्ट्रपति फ़ख़रुद्दीन अली अहमद ने तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री इ...

इख्तियारुद्दीन मुहम्मद बिन बख्तियार खिलजी

इख्तियारुद्दीन मुहम्मद बिन बख्तियार खिलजी, जिसे बख्तियार खिलजी भी कहते हैं, कुतुबुद्दीन एबक का एक सैन्य सिपहसालार था।

इत्सिंग

इत्सिंग एक चीनी यात्री एवं बौद्ध भिक्षु था, जो ६७१-६९५ ई. में भारत आया था। वह ६७५ ई में सुमात्रा के रास्ते समुद्री मार्ग से भारत आया था और 10 वर्षों तक नालन्...

इल्बर्ट विधेयक

इल्बर्ट विधेयक 1861 से समस्त देश में एक ही फौजदारी कानून लागू कर दिया गया था और प्रत्येक प्रांत में उच्च न्यायालय स्थापित कर दिगए थे । उससे पूर्व देश में दो ...

उत्तर प्रदेश राज्य बनाम राज नारायण

उत्तर प्रदेश राज्य बनाम राज नारायण 333) इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा निर्णीत एक केस था जिसमें भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को चुनावी कदाचार का...

उत्पल वंश

उत्पल वंश कश्मीर का राजकुल जिसने लगभग ८५५ ई. से लगभग ९३९ ई. तक राज किया। अंतिम करकोट राजा के हाथ से अवंतिवर्मन् ने शासन की बागडोर छीन उत्पल राजवंश का आरंभ कि...

एकी आन्दोलन

1917 ई. में भीलों व गरासियों ने मिलकर दमनकारी नीति व बेगार के विरुद्ध महाराणा को पत्र लिखा। इसका कोई परिणाम नहीं निकालता देखकर 1921 में बिजौलिया के किसान आन्...

एक्स फ़ोर्स

एक्स फ़ोर्स चीन की राष्ट्रीय क्रांतिकारी सेना के अभियान बल के हिस्से को दिया गया नाम था जो 1942 में बर्मा से भारत में वापस आया। च्यांग काई-शेक ने 1942 में जा...

ऑल इंडिया सुन्नी कांफ्रेंस

पाकिस्तान आंदोलन के दौर में राजनेता विभिन्न समूहों में विभाजित थे। कुछ लोग अंग्रेज समर्थक थे। कुछ अंग्रेज दुश्मन लेकिन हिन्दू के मन से दोस्तो और सहयोगी थे। इ...

ओड़िशा का इतिहास

प्राचीन काल से मध्यकाल तक ओडिशा राज्य को कलिंग, उत्कल, उत्करात, ओड्र, ओद्र, ओड्रदेश, ओड, ओड्रराष्ट्र, त्रिकलिंग, दक्षिण कोशल, कंगोद, तोषाली, छेदि तथा मत्स आद...

औरंगज़ेब

अबुल मुज़फ़्फ़र मुहिउद्दीन मुहम्मद औरंगज़ेब आलमगीर जिसे आमतौपर औरंगज़ेब या आलमगीर के नाम से जाना जाता था भारत पर राज्य करने वाला छठा मुग़ल शासक था। उसका शासन...

कंपनी राज

कंपनी राज का अर्थ है ब्रिटिश ईस्ट इण्डिया कम्पनी द्वारा भारत पर शासन। यह 1773 में शुरू किया है, जब कंपनी नेकोलकाता में एक राजधानी की स्थापना की है, अपनी पहली...

कदंब राजवंश

कदंब दक्षिण भारत का एक ब्राह्मण राजवंश। कदंब कुल का गोत्र मानव्य था और उक्त वंश के लोग अपनी उत्पत्ति हारीति से मानते थे। ऐतिहासिक साक्ष्य के अनुसार कदंब राज्...

कमला देवी

कमला देवी गुजरात के राजा कर्णदेव द्वितीय की रानी थी। 1297 ई. में कर्णदेव द्वितीय को अलाउद्दीन खिलजी की फ़ौज द्वारा पराजय का सामना करना पड़ा। कर्णदेव द्वितीय ...

कर्णचेदि

कर्ण, कलचुरि वंश का सबसे प्रतापी शासक था। वह चेदि नामक प्राचीन भारतीय महाजनपद राज्य का राजा था। लगभग सन्‌ 1041 में अपने पिता चेदीश्वर गांगेयदेव की मृत्यु होन...

कर्नाट वंश

कर्नाट वंश या सिमराँव वंश या देव राजवंश का उदय 1097 ई. में मिथिला में हुआ। जिसकी राजधानी बारा जिले के सिम्रौनगढ़ में थी। कर्नाट वंश का संस्थापक नान्यदेव था। ...

कलिंग

कलिंग पूर्व भारत में गंगा से गोदावरी तक विस्तृत एक शक्तिशाली साम्राज्य था। वर्तमान के ओडिशा, आन्ध्रकलिंग, छत्तीशगढ़, झारखण्ड और बंगाल और मध्य प्रदेश के कुछ ह...

काच (गुप्तवंश का एक शासक)

काच गुप्तवंश का शासक था, जिसका नाम कुछ स्वर्णमुद्रओं पर खुदा मिलता है। इन मुद्राओं पर सामने बाएँ हाथ में चक्रध्वज लिए खड़े राजा की आकृति मिलती है। उसके बाएँ ...

कुजुल कडफिसेस

कुजुल कड़फिसेस का वास्तविक नाम ‘गुजुर कपिशिया’ हैं| Key Words- Kadphises, Kapisa, Kapasiya Gusura, Gujur, Gujar, Gurjar 135 ईसा पूर्व में कुषाण हिन्दू कुश पर...

कुणाल

क़ुणाल सम्राट अशोक तथा रानी पद्मावती के सुपुत्र थे। दिव्यावदान के अशोकावदान और कुणालावदान में कुणाल के जीवन से संबंधित अनेक कहानियां हैं। सर्वप्रसिद्ध कथा है...

कुमारदेवी

सुविख्यात लिच्छवि कुमारी; गुप्त सम्राट चन्द्रगुप्त प्रथम की पत्नी और समुद्रगुप्त की माता। ये संसार मे पहली महारानी है जिनके नाम से सिक्के प्रचलित किए गए। 2 क...

कृष्णदेवराय

विजयनगर साम्राज्य: कृष्णदेवराय 1509-1529 ई. ; राज्यकाल 1509-1529 ई. विजयनगर साम्राज्य के सर्वाधिक कीर्तिवान राजा थे। ये स्वयंयं कवि और कवियों के संरक्षक थे। ...

कैबिनेट मिशन

वर्ष 1946 में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एटली ने भारत में एक तीन सदस्यीय उच्च-स्तरीय शिष्टमंडल भेजने की घोषणा की। इस शिष्टमंडल में ब्रिटिश कैबिनेट के तीन सदस्य-...

खड़िया विद्रोह

तेलंगा खड़िया के नेतृत्व में खड़िया विद्रोह 1880 में हुआ। यह आंदोलन अपनी माटी की रक्षा के लिए शुरू हुआ। जंगल की जमीन से अंग्रेजों को हटाने के लिए युवा वर्ग क...

ख़ान (उपाधि)

ख़ान या ख़ाँ मूल रूप से एक अल्ताई उपाधि है जो शासकों और अत्यंत शक्तिशाली सिपहसालारों को दी जाती थी। यह समय के साथ तुर्की-मंगोल क़बीलों द्वारा पूरे मध्य एशिया...

ख़िलजी वंश

खिलजी वंश या ख़लजी वंश मध्यकालीन भारत का एक राजवंश था। इसने दिल्ली की सत्ता पर 1290-1320 इस्वी तक राज किया। दिल्ली की मुस्लिम सल्तनत में दूसरा शासक परिवार था...

गंगवंश (श्वेतक)

यह गंगवंश उडीशा के श्वेतक में चिकटी में राज करता था और कदाचित पूर्वी गंगवंश की कोई उपशाखा थी। इस वंश का आदि नरेश महाराज जयवर्मन था जो कदाचित कलिंग नगर के शास...

गंगागोविन्द सिंह

गंगागोविंद सिंह पाइकपाड़ा के राजवंश के एक प्रख्यात व्यक्ति जो वारेन हेस्टिंग्स के दीवान थे। कोई अपनी सत्कीर्ति से ख्याति प्राप्त करता है, गंगागोविंद सिंह ने ...

गंगाबाई

गंगाबाई, पेशवा नारायण की पत्नी। अठारह वर्ष की अवस्था में ही जब नारायण राव को 30 अगस्त 1773 ई. को समय से वेतन प्राप्त न होने के कारण क्रोधोन्मत्त सिपाहियों ने...

गयासुद्दीन बलबन

गयासुद्दीन बलबन इसका वास्तविक नाम बहाउदीबहाउद्दीन था। दिल्ली सल्तनत में ग़ुलाम वंश का एक शासक था। उसने सन् 1266 से 1286 तक राज्य किया।वो न्याय प्रिय शासक था।...

ग़ज़नवी साम्राज्य

ग़ज़नवी राजवंश एक तुर्क मुस्लिम राजवंश था जिसने ९७५ ईसवी से ११८६ ईसवी काल में अधिकाँश ईरान, आमू पार क्षेत्रों और उत्तरी भारतीय उपमहाद्वीप पर राज किया। इसकी स...

ग़ोरी राजवंश

ग़ोरी राजवंश या ग़ोरी सिलसिला, जो अपने-आप को शनसबानी राजवंश बुलाया करते थे, एक मध्यकालीन राजवंश था जिसने ईरान, अफ़ग़ानिस्तान, पश्चिमोत्तर भारत, ख़ुरासान और आ...

गुप्तवंश (मागध अथवा मालव वंश)

यह लेख पश्चातवर्ती तथा कम ज्ञात गुप्त राजवंश के बारे में है। अधिक प्रसिद्ध गुप्त राजवंश के लिये देखें - गुप्त वंश सम्राट आदित्यसेन के अपसड़ जिला गया एवं सम्र...

गुर्जर प्रतिहार राजवंश

गुर्जर प्रतिहार राजवंश की स्थापना नागभट्ट ने 725 ई. में की थी। उसने राम के भाई लक्ष्मण को अपना पूर्वज बताते हुए अपने वंश को सूर्यवंश की शाखा सिद्ध किया। "गुर...

गोनन्द

भारत के इतिहास में गोनन्द नाम के तीन राजा हुए जो प्राचीन काश्मीर के शासक थे। उन्हीं के लिये इस नाम का विशेष प्रयोग हुआ और कल्हण ने अपने काश्मीर के इतिहास राज...

गोलकोण्डा

गोलकुंडा या गोलकोण्डा दक्षिणी भारत में, हैदराबाद नगर से पाँच मील पश्चिम स्थित एक दुर्ग तथा ध्वस्त नगर है। पूर्वकाल में यह कुतबशाही राज्य में मिलनेवाले हीरे-ज...

गोवा मुक्ति संग्राम

गोवा मुक्ति संग्राम, गोवा मुक्ति आन्दोलन या गोवा मुक्ति संघर्ष सन् १९६१ में भारतीय सशस्त्र सेना द्वारा किया गया एक अभियान था जिसके परिणाम स्वरूप गोवा को पुर्...

गोविन्दगुप्त

गोविंदगुप्त, गुप्तवंशी सम्राट् कुमारगुप्त के छोटे भाई थे। वैशाली से मिली कुछ मिट्टी की मुहरों से उनका महादेवी ध्रुवस्वामिनी और महाराजाधिराज चंद्रगुप्त द्विती...

ग्वालियर अभियान

मराठा साम्राज्य का मध्य और उत्तरी भारत के अधिकतर भाग पर नियंत्रण हुआ करता था, लेकिन 1818 में अंग्रेजों ने धीरे-धीरे भारतीय उपमहाद्वीप पर ब्रिटिश नियंत्रण जमा...

ग्वालियर के तोमर

ग्वालियर के तोमरों ने ग्वालियर तथा इसके निकटवर्ती क्षेत्रों पर १४वीं से १६वीं शताब्दी तक शासन किया। ग्वालियर में उन्होने बहुत से सांस्कृतिक कार्य किए।

ग्वालियर स्टार

ग्वालियर स्टार ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा ब्रिटिश सेना और अंग्रेजों के नेतृत्व वाली बंगाल सेना द्वारा प्रस्तुत सैन्य अभियान पदक है, जिसने 1843 में ग्वालियर अभि...

चन्दा साहिब

चन्दा साहिब कर्णाटक का पहला मुस्लिम राजा था। कर्नाटक के नवाब दोस्तअली का दामाद तथा दीवान। सेनानायक चंदासाहेब वीर, युद्धप्रिय और महत्वाकांक्षी व्यक्ति था। कर्...

चन्द्रगुप्त प्रथम

चंद्रगुप्त प्रथम गुप्त वंश के तृतीय किंतु प्रथम स्वतंत्र एवं शक्तिशाली नरेश। साधरणतया विद्वान्‌ उनके राज्यारोहण की तिथि 319-320 ई. निश्चित करते हैं। कुछ लोग ...

चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य

चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य गुप्त राजवंश का राजा। चन्द्रगुप्त द्वितीय महान जिनको संस्कृत में विक्रमादित्य या चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य के नाम से जाना जाता है; वह...

चुटु राजवंश

चुटु वंश के शासकों ने दक्षिण भारत के कुछ भागों पर ईसा पूर्व पहली शताब्दी से लेकर तीसरी शताब्दी तक शासन किया। उनकी राजधानी वर्तमान कर्नाटक के उत्तर कन्नड जिले...

चेरो वंश

बिहार में चेरो राजवंश के उदय का प्रमाण मिलता है, जिसका प्रमुख चेरो राज था। वह शाहाबाद, सारण, चम्पारण एवं मुजफ्फर तक विशाल क्षेत्पर एक शक्‍तिशाली राजवंश के रू...