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बोहीमियनवाद

बोहीमियनवाद का तात्पर्य अपरंपरागत जीवन शैली का अभ्यास करने वालों से है, ऐसा अक्सर समान विचारधारा के वे लोग करते हैं जो साहित्य, संगीत या कलात्मक गतिविधियों में दिलचस्पी रखते हैं और जिनके कुछ ही स्थायी सम्बन्ध होते हैं। बोहेमियन लोग घुमक्कड़, साहसी या बंजारे भी हो सकते हैं।
वास्तव में बोहेमियन शब्द का अर्थ पूर्वी यूरोपियन और स्लेविक भाषा बोलने वाले बोहेमिया देश में उत्पन्न हुई वस्तु से है, परन्तु धीरे धीरे इस शब्द का प्रयोग उन्नीसवी शताब्दी में फ्रेन्च और अंग्रेजी की बोलचाल की भाषा में उन लोगों के लिए किया जाने लगा जो अपारम्परिक तरीके से रहते हैं और गरीबी और अधिकारहीनता का जीवन जीते हैं जैसे कलाकार, लेखक,पत्रकार,संगीतकाऔर मुख्य यूरोपियन शहरों में रहने वाले अभिनेता। बोहेमियन शब्द का प्रयोग, बोलचाल की भाषा में, अपरम्परागत अथवा सामाजिक और राजनीतिक रूप से मुख्य विचारधारा से हटकर, सोचने वालों के लिए प्रयोग किया जाता था, जिसे वे लोग उन्मुक्त प्रेम, मितव्ययिता और/अथवा एच्छिक गरीबी के द्वारा व्यक्त करते थे।

1. इस शब्द की उत्पत्ति
बोहीमीयनवाद शब्द की उत्त्पत्ती फ्रांस में उन्नीसवी शताब्दी में उस समय हुई जब कलाकाऔर रचनाकार लोग नीचे तबके के और कम किराए वाले घरों में रोमानीजिप्सी, लोगों के पड़ोस में रहने लगे। बोहेमियन शब्द फ्रांस के उन रोमानी लोगों के लिए आम तौपर प्रयुक्त होता था, जो बोहीमिया होते हुए पश्चीमी यूरोप पहुंचे थे।
साहित्यिक रूप से फ्रेंच कल्पना में बोहीमियन लोग घुमंतू रोमानी लोगों से सम्बंधित माने जाते थे ऐसा माना जाता था की वे बोहेमियासे आये हैं, पारंपरिक समाज से हटकर और उनकी असम्मती से बेफिक्र। यह शब्द ऐसे लोगों की ओर संकेत करता है जिनके पास कुछ गुप्त ज्ञान है फिलिस्तीनी लोगों के विपरीत, और साथ ही साथ कभी कभी इसका मकसद यह संकेत देना भी होता है के ये लोग अपनी व्यक्तिगत सफाई और वैवाहिक ईमानदारी के प्रति ज्यादा ध्यान नहीं देते। स्पेन के सेवाइल में फिल्मागए फ्रेंच ओपेरा कार्मन में जो स्पैनिश रोमानी लडकी दिखाई गयी है, उसे इस गीत नाट्य का पाठ लिखने वाले मेल्हैक और हालेवी ने बोहीमियन करार किया है।
हेनरी मार्गर के छोटी कहानियों के संग्रह सीन्स द ला विए द बोहेम सीन्स ऑफ बोहेमियन लाइफ, जो 1845 में प्रकाशित हुई थी, का उद्देश्य बोहेमिया की स्तुति करना और उसे वैध ठहराना था। जिअकोमो पुक्किनी के ओपेरा ला बोहेम 1896 का आधार मर्गर की कहानियों की किताब थी। इसके बाद, पुक्किनी का कार्य जौनाथान लार्सन के संगीत रैंट का आधार बनी, बाद में इसी नाम की एक फीचर फिल्म भी बनी। पुक्किनी की तरह, लार्सन सदी के अंत में एक बोहीमियन एन्क्लेव एक विदेशी अन्तः क्षेत्र जो एक घने शहरी इलाके में स्थित है, की पड़ताल करते हैं। इस फिल्म में वह इलाका न्यूयॉर्क शहरहै। इस शो में एक गाना है,"ला विए बोहेम," जो उत्तराधुनिक बोहेमियन संस्कृति का कीर्तिगान करता है।
अंग्रेजी में, इस अर्थ में बोहेमियन शब्द को प्रारम्भ में विलियम मेक्पीस ठाकरे के उपन्यास, वैनिटी फेयर, जो 1848 में प्रकाशित हुआ था, ने प्रसिद्धी दिलाई। वैकल्पिक जीवन शैली जो कलाकारों के द्वारा जी जाती है, उसके बारे में आम लोगों के विचार काफी हद तक जोर्ज ड़ू मौरिअर के रोमांटिक बैस्ट सेलिंग उपन्यास ट्रिबली 1894 ने बदले। यह उपन्यास बोहेमियन सभ्यता को आधार बना कर लिखा गया था। यह उपन्यास पेरिस के कलाकारों के क्षेत्र में, तीन प्रवासी अंग्रेज कलाकारों, उनकी आयरिश मॉडल और दो रंगीन मिजाज़ पूर्वी यूरोपियन संगीतकारों के विषय में लिखा गया था।
स्पेनिश साहित्य में, बोहेमियन उमंग रेमन देल वाल्ले-इन्क्लानस के नाटक लुसस दे बोहेमिया बोहेमियन लाइट्स, जो 1920 में प्रकाशित हुआ था, में दिखती है।

1.1. इस शब्द की उत्पत्ति अमेरिकी बोहेमियनवाद
1845 में बोहेमियन नागरिकों ने संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए उत्प्रवास करना प्रारम्भ किया, और फिर 1848 में कुछ उग्र सुधारवादी और पूर्व पादरी भी अमेरिका चले गए, ये वो लोग थे जो एक संवैधानिक सरकार चाहते थे। 1860 में अमेरिकन सिविल युद्ध के प्रारम्भ होने से पहले तक,1857 में न्यू यॉर्क शहर में 15 -20 जवान, सुसभ्य पत्रकारों ने स्वयं को "बोहेमियन"कहना प्रारम्भ किया। अन्य शहरों में भी इसी तरह के समूह तोड़ दिए गए-संवाददाता इस तरह के संघर्ष की रिपोर्ट देने के लिए जगह फ़ैल गए। युद्ध के दौरान संवाददाताओं ने स्वयं को "बोहेमियन," कहना प्रारम्भ कर दिया और अखबार वालों ने स्वयं को मोनिकर कहना प्रारम्भ कर दिया। बोहेमियन अखबार लेखक का पर्याय बन गया। 1866 में, युद्ध संवाददाता जुनिउस हेनरी ब्राउन जो न्यू यॉर्क ट्रीब्युन और हार्पर पत्रिका के लिए लिखते थे, उन्होंने स्वयं को और अपने जैसे कुछ उल्लासित पुरुष और निश्चिन्त महिलाओं को जिनसे वे युद्ध के दिनों में मिले थे, को बोहेमियन कहा।
सैन फ्रांसिस्कोके पत्रकार ब्रैट हार्ट ने सबसे पहले 1861 में गोल्डन एरा में "दा बोहेमियन" के नाम से लिखा था, इस छवि के साथ उन्होंने कई व्यंग्य लिखे, ये सभी व्यंग्य 1867 में उनकी किताब बोहेमियन पेपर्स में प्रकाशित हुए। हार्ट ने लिखा,"बोहेमिया को कभी भी भौगोलिक तौपर स्थापित करने की कोशिश नहीं की गयी, लेकिन किसी भी दिन जब आकाश साफ़ हो और सूरज अस्त हो रहा हो, यदि आप टेलीग्राफ पहाडी पर चढ़ेंगे, तो पश्चिम में आप इसकी मनोहर घाटी और बादलों से आच्छादित पहाड़ियों को देखेंगे. 1867 में मार्क ट्वेन ने स्वयं को और चार्ल्स वार्रेन स्टोद्दार्ड को बोहेमियन की श्रेणी में रखा। 1872 तक, पत्रकारों और कलाकारों का एक समूह जो सैन फ्रांसिस्को में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए इकट्ठा होता था जब अपने समूह के लिए नाम की तलाश कर रहा था, तब "बोहेमियन" शब्द एक मुख्य विकल्प बन कर उभरा, और इस तरह से बोहेमियन क्लब का जन्म हुआ। क्लब के सदस्य अपने समुदाय के प्रतिष्ठित और सफल लोग थे और सम्मानित परिवार वाले थे उन्होंने बोहेमियन शब्द को अपनी तरह से पुनः परिभाषित किया और उन लोगों को इसमें शामिल किया जो खिलाड़ी थे, जिनकी कला और अन्य सृजनात्मक वस्तुओं में दिलचस्पी थी और जो श्रेष्ठ कलाओं को पसंद करते थे बौंस विवान्त्स. क्लब के सदस्य और कवि जॉर्ज स्टर्लिंग ने इस पुनः परिभाषित शब्द पर अपनी प्रतिक्रिया इस तरह से व्यक्त की:
अपने विचारों के बावजूद, स्टर्लिंग स्वयं को बोहेमियन क्लब के बहुत नजदीक पाते हैं, और बोहेमियन कलाकारों और उद्योगपतियों के साथ बाग़ में मद्यपान करना पसंद करते हैं।
ऑस्कर फरडीनान्ड टैल्गमन तेल्ग्मन्न और जॉर्ज फ्रेडरिक कैमरूनने 1889 में लिओ, दा रॉयल कैडेट नामक ओपेरा में दा बोहेमियन गाना लिखा।
शरारती अमेरिकी लेखक और बोहेमियन क्लब के एक सदस्य जिलेट बर्गेस, जिन्होंने "ब्लर्ब" शब्द का आविष्कार किया, उन्होंने इस अव्यवस्थित जगह जिसका नाम बोहेमिया है, का वर्णन इस तरह से किया:
न्यूयॉर्क, में 1907 में प्यानो बजाने वाले राफेल जोसेफ्फी और उनके दोस्तों जैसे रुबिन गोल्द्मार्क ने मिल के संगीतकारों के एक संस्था "दा बोहेमिंस" बनायी न्यू यॉर्क संगीतकारों का क्लब

2. लोग
इस शब्द को विविध कलाकाऔर शैक्षिक समुदायों से जोड़ कर देखा जाता है और सामान्य तौपर इसे एक व्यापक विशेषण के तौपर कलाकारों, परिप्रदेश अथवा स्थितिओं के लिए प्रयुक्त किया जाता है:? अमेरिकन कॉलेज डिक्शनरी में बोहेमियन अनौपचारिक रूप से बोहो की परिभाषा है,"ऐसा व्यक्ती जिसमे कलात्मक या बौधिक प्रवृत्ती हो, और जो पारंपरिक व्यवहार की चिंता किये बिना रहता हो और कार्य करता हो।
पिछले 150 सालों में यूरोप और अमेरिका में कई प्रमुख हस्तियाँ बोहेमियन प्रतिकूल संस्कृति से सम्बंधित रही हैं, और बोहेमियन लोगों की एक विस्तृत सूची बनाने का काम बहुत लंबा हो जाएगा। बोहेमियनवाद को कुछ पूंजीपति लेखकों जैसे होनोरे द बल्जाक ने अनुमोदित किया है, परन्तु अधिकतर पारंपरिक सांस्कृतिक लेखक भी बोहेमियन जीवन शैली का खंडन नहीं करते हैं।
न्यूयॉर्क टाइम्स स्तंभकार डेविड ब्रुक्स का कहना है कि ज्यादा अमेरिकियों के ऊपरी वर्ग का सांस्कृतिक लोकाचार, बोहेमियन संस्कृति से ही निकला है, और उन्होंने इसलिए ही एक स्वविरोधी शब्द "बुर्जुआ बोहेमियांस" या "बोबोस" का आविष्कार किया है।
दा बोहेमियन मैनुअल ऑफ स्टाइल के लेखक, लारेन स्टोवर, बोहेमियन शब्द को, बोहेमियन मैनीफैस्टो:अ फील्ड गाइड तो लिविंग ऑन दा ऐज में 5 विविध प्रकार के स्टायल/जीने के तरीकों में विभाजित करते हैं स्ट्रोवर लिखते हैं की, बोहेमियन को "पक्षियों की प्रजातियों की तरह आसानी से वर्गीकृत नहीं किया जा सकता है", क्योंकि उनमे भी वर्णसंकर और विकास की प्रक्रिया चलती रहती है। वे पाँच प्रकार हैं:
बीट:ये भी घुमक्कड़ होते हैं, परन्तु अभौतिकवादी और कला केन्द्रित होते हैं।
नूवो:वे बोहेमियन जिनके पास पैसा है और जो यह प्रयत्न करते हैं की वो पारंपरिक बोहेमियनवाद और समकालीन सभ्यता को जोड़ कर चल सकें।
जेन:बीट से आगे ये वो लोग होते हैं जिनका ध्यान कला के बजाय आध्यात्मिकता पर होता है।
डाण्डी:इनके पास कोई पैसा नहीं होता है, लेकिन ये स्वयं को महंगे या दुर्लभ आइटम - जैसे शराब के ब्रांड के द्वारा धनवान दिखाने की कोशिश करते हैं।
जिप्सी:घुमक्कड़ लोग, नए हिप्पिस, और अन्य जिनमे पुराने रोमांटिक जमाने की तरह से जीने की ललक है।
संयुक्त राज्य अमेरिका में, बोहेमियन आवेग को 1960 के हिप्पी प्रतिकूल सभ्यता में देखा जा सकता है जोबीट पुश्तके लेखकों जैसे विलियम एस बर्रो, एलन न्स्बर्ग और जैक केरौक के कार्य से प्रभावित थे।
रेनबो सभा को समकालीन समय में बोहेमियन अभिव्यक्ती के रूप में देखा जा सकता है।

3. पूर्व काल में बोहेमियन समुदाय
बोहेमिया का तात्पर्य ऐसी किसी भी जगह से था जहां कोई सस्ते में रह सके और काम कर सके, और अपारंपरिक तरीके से व्यवहाकर सके;यह एक तरह से उन्मुक्त लोगों का समुदाय था जो सम्मानजनक समाज की सीमाओं से दूर था। उन्नीसवीं और बीसवीं शताब्दी के प्रारम्भ में कई शहर और उनके पड़ोस को बोहेमिया से जोड़ कर देखा जाता था।
यूरोप में: मोंटमारट्रे और पेरिस में मोंटपार्नासे, चेल्सीया, फ़िट्ज़रोविया और सोहो लन्दन में,मयूनिक में स्क्वाबिंग;बेलग्रेड में स्कार्डलिजा और बुडापेस्ट में टबन।
संयुक्त राज्य अमेरिका में:न्यूयॉर्क शहर में ग्रीनविच गाँव, और कैलिफौर्निया में टिबूरौन.
ऑस्ट्रेलिया में: पौट्स पॉइंट, सिडनी.

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