ⓘ नारद पंचरात्र के नाम से एक प्रसिद्ध वैष्णव ग्रंथ है। इस ग्रन्थ में दस महाविद्याओं की कथा विस्तार से कही गई है। इस कथा के अनुसार हरी का भजन ही मुक्ति का परम कारण ..

                                     

ⓘ नारद पंचरात्र

नारद पंचरात्र के नाम से एक प्रसिद्ध वैष्णव ग्रंथ है। इस ग्रन्थ में दस महाविद्याओं की कथा विस्तार से कही गई है। इस कथा के अनुसार हरी का भजन ही मुक्ति का परम कारण माना गया है।

                                     
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  • प चर त र व ष णव सम प रद य क आगम ग रन थ ह ज स स क त म ह प चर त र क श ब द क अर थ ह - प च र त प चर त र आगम र म न ज क श र व ष णव सम प रद य
  • क स त वतत त र, ज स क न रद प चर त र भ कहत ह और ज सम कर म बन धन स म क त ह न क न र पण ह क उपद श द न क ल य न रद ज क र प म अवत र ल य
  • प चर त र स ह त व ख नस स ह त यह व ष णव परम पर क व ख नस व च रध र ह व ख नस परम पर प र थम क त र पर तपस एव स धन परक परम पर रह ह प चर त र स ह त
                                     
  • र म यण  मह भ रत अन य ग रन थ भगवद ग त मन स म त अर थश स त र  आगम त त र  प चर त र स त र  स त त र  धर मश स त र  द व य प रब ध  त वरम  र मचर त म नस  य ग
  • अव म रक भ स उर भ ग भ स कर णभ र भ स च र दत त भ स द तघट त कच भ स द तव क य भ स प चर त र भ स प रत ज ञय गन धरयन भ स प रत ज ञ य ग धर यण भ स प रत मनतक भ स ब लचर त र

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