ⓘ भिन्नता का विश्लेषण. सांख्यिकी में भिन्नता का विश्लेषण सांख्यिकीय मॉडलों का एक संग्रह है, जिसमें अवलोकित भिन्नता व्याख्यात्मक चर के कारण कई हिस्सों में बाँट दी ..

                                     

ⓘ भिन्नता का विश्लेषण

सांख्यिकी में भिन्नता का विश्लेषण सांख्यिकीय मॉडलों का एक संग्रह है, जिसमें अवलोकित भिन्नता व्याख्यात्मक चर के कारण कई हिस्सों में बाँट दी जाती है। अपने सरलतम रूप में एनोवा इस चीज़ का सांख्यिकी परीक्षण करता है कि क्या कई समूहों का माध्य बराबर होता है और इस तरह से ये स्टुडेंट्स टू सैम्पल टी टेस्ट या परीक्षणों को दो से अधिक समूह के लिए सामान्यीकृत कर देता है।

                                     

1. समीक्षा

इस तरह मॉडलों के तीन अवधारण वर्ग इस प्रकार हैं:

  • मिश्रित प्रभाव मॉडल उन मॉडलों का विवरण देता है जहाँ अचल और क्रम-रहित दोनों प्रभाव उपस्थित होते हैं। मॉडल 3
  • क्रम-रहित प्रभाव मॉडल के अनुसार आंकड़े अलग आबादी के पदानुक्रम का विवरण देते हैं जिनमें भिन्नता पदानुक्रम द्वारा नियंत्रित होती है। मॉडल 2
  • अचल प्रभाव मॉडल में माना जाता है कि आंकड़े सामान्य आबादी से आए हैं जो सिर्फ उनके माध्य में भिन्न हो सकते हैं। मॉडल 1

व्यवहार में, कई प्रकार के एनोवा मौजूद हैं जो प्रबंधों की संख्या और प्रयोग के विषय पर लागू किये गए तरीकों पर निर्भर करता है।

  • भिन्नता के बहुरूपी विश्लेषण मेनोवा का प्रयोग वहाँ किया जाता है जहाँ एक से अधिक आश्रित चर मौजूद हो।
  • एक पथीय एनोवा दो या अधिक स्वतंत्र समूहों के बीच अंतर निकालने के लिए किये जाने वाले परीक्षण में प्रयोग होता है। विशिष्ट तौर पर, तथापि, एक तरह से एनोवा कम से कम तीन समूहों के भीच भिन्नता निकलने के लिए होने वाले परीक्षण में प्रयोग किया जाता है, क्यों कि दो समूह के परीक्षण टी-परीक्षण द्वारा किये जा सकते हैं गोसेट,1908. जब तुलना करने के लिए केवल दो माध्य हों, तो टी परीक्षण और एफ परीक्षण समकक्ष होते हैं और एनोवा और t {\displaystyle t} टी के बीच सम्बन्ध इस प्रकार दिया जाता है- F = t 2 {\displaystyle F=t^{2}} F = t^2
  • मिश्रित डिजाइन एनोवा. जब कोई विषयों का पुनरावृत मापन करने के लिए दो या अधिक स्वतंत्र समूहों का परिक्षण करना चाहता है तो वो एक क्रम गुणित मिश्रित डिजाइन के एनोवा का प्रयोग कर सकता है जिसमें एक गुणक विषय चरों के बीच की संख्या और दूसरा विषय चरों के भीतर की कोई संख्या होती है। इस मिश्रित प्रभाव मॉडल का एक प्रकार है।
  • पुनरावृत्त मापन हेतु क्रमगुणित एनोवा तब प्रयोग किया जाता है जब प्रयोगकर्ता दो या अधिक प्रबंध चरों के प्रभाव का अध्ययन करना चाहता है। प्रयोग होने वाले क्रमगुणित एनोवा का सबसे आम प्रकार है 2 {\displaystyle 2^{2}} 2^2 जिसे दो बटे दो पढ़ा जाता है डिजाईन, जहाँ दो स्वतंत्चर होते हैं और हर चार के दो स्तर या विशिष्ट मान होते हैं। जबकि 2 k {\displaystyle 2^{k}} 2^k क्रमगुणित डिजाइन और भिन्नात्मक क्रमगुणित डिजाइन के विश्लेषण के लिए एनोवा का ऐसा प्रयोग भ्रामक है और ख़ास विवेकपूर्ण नहीं लगता; इसकी बजाय प्रभाव को मानक त्रुटी से विभाजित करने पर मिले मान को टी-टेबल में प्रयोग करने की सलाह दी जाती है। क्रमगुणित एनोवा बहुस्तरीय भी हो सकते हैं जैसे कि, 3 {\displaystyle 3^{3}} आदि या उच्च श्रेणी के जैसे कि 2 × 2 × 2 आदि लेकिन ऊंची संख्याओं वाले गुणकों वाले विश्लेषण कभी-कभार ही हाथ से किये जाते हैं क्योंकि इनमें गणना बेहद लम्बी होती है। बहरहाल, काफी आम आंकड़ों का परिचय विश्लेषणात्मक सॉफ्टवेयर के बाद से, उच्च आदेश डिजाइन और विश्लेषण का उपयोग बन गया है। हालाकि, सांख्यिकी विश्लेषक सोफ्टवेयर के आने के बाद से ऊंची श्रेणी वाली डिजाइनों और विश्लेषणों का प्रयोग काफी आम हो गया है।
  • पुनरावृत्त मापन हेतु द्विपथीय एनोवा तब प्रयोग किया जाता है जब विषयों का पुनरावृत्त मापन किया जाना हो: इसका मतलब है कि हर प्रबंध के लिए समान विषयों का प्रयोग किया जाता है। ध्यान दें कि इस पद्धति पर कैरीओवर यानि दूसरी किसी जगह पहले आ चुकी चीज़ों का दुबारा प्रयोग किया जा सकता है।
                                     

2.1. मॉडल अचल-प्रभाव मॉडल

भिन्नता के विश्लेषण का अचल-प्रभाव मॉडल ऐसी स्थितियों में लागू होता है जिनमें प्रयोगकर्ता प्रयोग के विषय पर कई प्रबंधों को लगाकर ये देखता है कि चरों के मान में परिवर्तन उस पर क्या प्रभाव डालता है. यह प्रयोगकर्ता को चरों के मान में विभिन्न प्रबंधों द्वारा होने वाले परिवर्तन के कारण उनकी कुल जनसँख्या पर पड़ने वाले प्रभाव की सीमा का अनुमान लगाने का मौका देता है

                                     

2.2. मॉडल क्रम-रहित प्रभाव मॉडल

क्रम-रहित प्रभाव मॉडल का उपयोग तब किया जाता है जब प्रबंध तय नहीं होते. ऐसा तब होता है जब विभिन्न प्रबंध जिन्हें गुणक स्तर के नाम से भी जाना जाता है काफी बड़ी जनसँख्या के नमूने के तौपर लिगए होते हैं। क्योंकि प्रबंध स्वयं क्रम-रहित चर होते हैं, इसलिए प्रबंधों का निरूपण करने वाली कुछ मान्यताएं और पद्धतियाँ एनोवा मॉडल 1 से अलग होती हैं।

ज़्यादातर क्रम-रहित प्रभाव या मिश्रित प्रभाव मॉडल नमूने के तौपर लिगए विशिष्ट गुणकों को लेकर कोई परिणाम देने से जुड़े नहीं होते हैं। उदाहरण के लिए, एक बड़े विनिर्माण संयंत्र के बारे में बात करें जहां कई मशीने एक ही उत्पाद बनाने के लिए कार्य करती हैं। इस संयंत्र का अध्ययन कर रहे सांख्यिकीविद् को इस बात में बहुत कम रुचि होती है कि वह तीन विशेष मशीन की एक दूसरे से तुलना करे. बल्कि, ये जानना ज्यादा रूचिकर है कि सभी मशीनों द्वारा मिलने वाला कुल परिणाम क्या है। जैसे कि परिवर्तनशीलता और माध्य.
                                     

3. मान्यताएं

  • स्थितियों की अनाधीनता - यह डिजाइन की ज़रुरत है।
  • परिवर्तनशीलता की समानता या "समरूपता", होमोसीडीस्तिसिटी- समूहों के आंकड़ों में भिन्नता समान ही होनी चाहिए।
  • सामान्यता - शेष का वितरण सामान्य है।
परिवर्तनशीलता की समरूपता के लिए लीवेन का परिक्षण विशेष रूप से होमोसीडीस्तिसिटी का पता लगाने के लिए किया जाता है। सामान्यता की पुष्टि के लिए कोल्मोगोरोव -स्मिरनोव या शापिरो -विल्क परीक्षण इस्तेमाल किया जा सकता है। कुछ लेखकों का दावा है कि अगर सामान्यता से विचलन लिंडमैन, 1974 हैं तो एफ परीक्षण विश्वसनीय नहीं है। जबकि अन्य लोगों का दावा है कि एफ परीक्षणकाफी पुष्ट है फर्ग्यूसन और टकाने, 2005, pp. 261–2. कृस्कल-वालिस परीक्षण एक अप्राचलिक विकल्प है जो सामान्यता की धारणा पर निर्भर नहीं करता.

एक साथ मिलकर ये एक आम धारणा बनाते हैं कि अचल प्रभाव मॉडल के लिए त्रुटिया मुक्त रूप से, समान रूप से और सामान्य रूप से वितरित होती हैं या:

ε ∼ N 0, σ 2. {\displaystyle \varepsilon \thicksim N0,\sigma ^{2}.\,}
                                     

4.1. एनोवा के तर्क वर्गों के जोड़ का विभाजन

इसकी मूलभूत तकनीक है वर्गों जिसे लघु रूप में S {\displaystyle SS} कहा जाता है के कुल योग का ऐसे घटकों में विभाजन जो मॉडल में प्रयोग होने वाले प्रभावों से सम्बद्ध हो। उदाहरण के लिए, हम अलग-अलग स्तरों पर एक ही प्रकार के प्रबंध वाले सरलीकृत एनोवा को प्रदर्शित कर रहे हैं। S Total = S Error + S Treatments {\displaystyle SS_{\hbox{Total}}=SS_{\hbox{Error}}+SS_{\hbox{Treatments}}\,\!} अतः, स्वतंत्रता की घात लघु रूप d f {\displaystyle df} को उसी तरीके से विभाजित किया जा सकता है और शाई-वर्ग वितरण में उल्लिखित किया जा सकता है जिसमें वर्गों का संयुक्त योग वर्णित होता है। d f Total = d f Error + d f Treatments {\displaystyle df_{\hbox{Total}}=df_{\hbox{Error}}+df_{\hbox{Treatments}}\,\!}

टी.डी. विकेंस और जी. कपेल, | 2004. डिजाइन और विश्लेषण: एक शोधकर्ता की पुस्तिका या डिजाइन एंड अनालिसिस: ए रिसर्चर्स हैण्डबुक चतुर्थ संस्करण. अपर सेडल रिवर, एनजे अमेरिका:-पीयर्सन अप्रेंटिस हॉल.

                                     

4.2. एनोवा के तर्क अनुगामी परीक्षण

एनोवा में एक महत्वपूर्ण प्रभाव अक्सर के साथ आता है एक या एक से अलग अनुवर्ती परीक्षण अधिक है। एनोवा में सांख्यिकीय रूप से महत्वपूर्ण प्रभाव को प्रायः एक या अधिक अनुगामी परीक्षणों के साथ दोबारा जांचा जाता है। ऐसा ये आकलन करने के लिए किया जाता है कि कौन से समूह अन्य समूहों से अलग हैं या फिर अन्य कई केन्द्रित परिकल्पनाओं को जांचने के लिए भी. अनुगामी परीक्षण अक्सर इस आधापर पहचाने जाते हैं कि वो पूर्वनियोजित पहले से सोचे हुए हैं या पोस्ट होक या बाद में तय किये गए। पूर्व नियोजित परीक्षण आंकड़े देखने के पहले किये जाते हैं और पोस्ट होक या बाद में सोचे गए परीक्षण आंकड़े देखने के बाद किये जाते हैं। पोस्ट होक परीक्षण जैसे कि टूकी परीक्षणसबसे आम तौपर हर समूह के माध्यों की तुलना करता है और इसमें टाईप I त्रुटी को नियंत्रित करने के कुछ तरीके शामिल होते हैं। तुलना, जो सबसे आम तौपर पूर्व नियोजित होती है, सरल या जटिल हो सकती है। सरल तुलना में एक समूह के माध्य की तुलना दुसरे समूह के माध्य से कि जाती है। जटिल तुलना में आमतौपर समूहों के दो सेट की तुलना की जाती है जहां एक सेट में दो या अधिक समूहों होते है. तुलना द्वारा रुझानों के परीक्षणों को भी देखा जा सकता है, जैसे की रैखिक और द्विघात सम्बन्ध, जब कि स्वतंत्चर में कुछ क्रमागत स्तर भी शामिल हों.

                                     

4.3. एनोवा के तर्क शक्ति विश्लेषण

शक्ति विश्लेषण अक्सर एनोवा के संदर्भ में लागू किया जाता है ताकि यदि हम जनसँख्या में एक निश्चित एनोवा डिजाइन, नमूने के आकर और अल्फ़ा स्तर की परिकल्पना करें तो नल परिकल्पना के सफल निराकरण की संभावना का आकलन लगाया जा सके। नल परिकल्पना का निराकरण करने के लिए आवश्यक नमूने के आकार का निर्धारण करके शक्ति विश्लेषण अध्ययन डिजाइन में मदद कर सकता है।

                                     

5. उदाहरण

पहले प्रयोग में, समूह एक को वोदका, समूह बी को जिन सी को एक प्लासेबो दी गयी है। फिर सभी समूहों का एक स्मृति कार्य के लिए परीक्षण जाता है। विभिन्न प्रबंधों का प्रभाव जानने के लिए एक पथीय एनोवा का प्रयोग किया जा सकता है।

दुसरे प्रयोग में, समूह ए को वोदका दी गयी और एक स्मृति कार्य में उनकी परीक्षा ली गयी। उसी समूह को पांच दिन का अवकाश देकर उन्हें फिर जिन देकर वही परीक्षा दोबारा ली गई। यही प्रक्रिया प्लासेबो के लिए भी दोहराई जाती है। पुनरावृत्त मापन हेतु एकपथीय एनोवा का प्रयोग वोदका और प्लासेबो के प्रभाव की तुलना करने के लिए किया जा सकता है।

अपेक्षाओं के प्रभाव को पता लगाने के तीसरे परीक्षण में, विषयों को चार क्रमहीन समूहों में बांटा जाता है।

  • प्लासेबो की अपेक्षा करने वाले-प्लासेबो प्राप्त करने वाले आखिरी समूह को नियंत्रण समूह के रूप में प्रयोग किया जाता है
  • वोदका की अपेक्षा करने वाले-प्लासेबो प्राप्त करने वाले
  • प्लासेबो की अपेक्षा करने वाले-वोदका प्राप्त करने वाले
  • वोदका की अपेक्षा करने वाले-वोदका प्राप्त करने वाले

इसके बाद प्रत्येक समूह का एक स्मृति कार्य पर परीक्षण किया जाता है। इस डिजाइन के लाभ यह हैं कि एकाधिक चर का अलग परीक्षण करने की बजाय एक ही समय में उनका परीक्षण किया जा सकता है। साथ ही, प्रयोग ये निर्धारित कर सकते हैं कि क्या एक चर अन्य चर को प्रभावित करता है जिसे अंतःक्रिया प्रभाव के रूप में जाना जाता है. एक क्रम गुणक एनोवा 2 × 2 इस बात के प्रभाव का आकलन कर सकता है कि वोदका या प्लासेबो दोनों की अपेक्षा और वास्तव में उनके मिलने पर क्या होता है।

                                     

6. इतिहास

रोनाल्ड फिशर ने सबसे पहले 1918 में अपने शोधपत्र कोरिलेशन बिटवीन रिलेटिव्स ऑन द सपोज़िशन ऑफ़ मेनडेलियन इन्हेरिटेंस में भिन्नता या परिवर्तनशीलता का प्रयोग किया। भिन्नता के विश्लेषण पर उनका पहला आवेदन 1921 में प्रकाशित हुआ था। विचरण के विश्लेषण से व्यापक रूप से अनुसंधान श्रमिकों के लिए है 1925 में फिशर की किताब स्टेटीसटिकल मेथड फॉर रीसर्च वर्कर्स में शामिल होने के बाद भिन्नता के विश्लेषण को काफी पहचान मिली।

                                     
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शब्दकोश

अनुवाद
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