ⓘ जांबुडा जामनगर जिले का छोटासा गाव है। जांबुडा गांव में गढवी, पटेल, ब्राह्मण, कोली, भरवाड़, आदि समुदाय भातृभाव से निवास करते हैैं और यही सही मायनों में जांबुडा क ..

                                     

ⓘ जांबुडा

जांबुडा जामनगर जिले का छोटासा गाव है।

जांबुडा गांव में गढवी, पटेल, ब्राह्मण, कोली, भरवाड़, आदि समुदाय भातृभाव से निवास करते हैैं और यही सही मायनों में जांबुडा की धरोहर और विकास का कारण है।

जांबुडा के उदार विचारों और शांति से प्रभावित होकर बहुत से बाहरी लोगों ने भी गांव को अपना घर बनाया है। यह गांव जामनगर शहर से 16 कि.मी. दुर जामनगर-राजकोट स्टेट हाइवे से थोड़ा ही दुर स्थित हैं और सैनिकस्कूल गुजरात जाने के रास्ते मे पड़ता है।

नाम

जामुन के पेड़ बहुत होने और जामुन के विपुल मात्रा में उत्पादन होने के कारण गांव का नाम जांबुडा पड़ा यह अनुमान है ।

स्थान एवं इतिहास

यदुवंशप्रकाश नामक ग्रंथ के मुताबिक 1540 से 1562 के समय में जांबुडा का उल्लेख है, हालांकि जांबुडा गांव इससे भी प्राचिन होने के प्रमाण मिलते हैं।

नोटेबल विजिटर

गांव में अमरीकी रूजवेल्ट, वडाप्रधान लालबहादुर शास्त्री, ‌मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल, केबिनेट मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला, बीजेपी अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी, पूर्व शिक्षामंत्री आई के जाड़ेजा, नेता भुपेंद्रसिंह ‌चुडासमा, मोरारीबापू, डॉ प्रविण तोगड़िया,भकत मीराबाई, राजा श्री जामसाहेब,आदी हस्तियां पधार चुके है।

परिवहन

जांबुडा में गुजरात राज्य परिवहन विभाग की बसें हर घंटे मिलती है, उपरांत प्राईवेट बस, टैक्सी, कार, रिक्शा, जेसे वाहन हर बीस मिनट पर मिलते हैं।

सबसे नजदीक रेलवे स्टेशन अलियाबाडा

7 कि.मी है ।

सबसे नजदीक हवाई अड्डा जामनगर 22 कि.मी है ।

उद्योग

गांव की तकरीबन ‌60% आबादी खेती पर प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से निर्भर है, बहुत-सी आबादी सरकारी एवं गैर-सरकारी क्षेत्रों में नोकरीया कर रही है।आबादी एक हिस्सा व्यापार करता है और ट्रांसपोर्टिंग,फाइनांस,कन्स्ट्रक्शन, टिचिंग, वगैरह वगैराह क्षेत्र का विकास बखुबी हुआं है।

गांव के लोग फ़िल्म निर्देशक,फिल्म कलाकार, गायक, साहित्यकार, एज्युकेशनिस्ट, डॉक्टर,इंजिनियरिंग, सी.ए., फार्मासिस्ट, क्लास वन-टु ओफिसर, पुलिस अधिकारी, शिक्षक, क्लार्क, थलसेना,नौसेना,वायुसेना, वकिल, नर्सिंगस्टाफ,ओटोमोबाईल,कृषिविज्ञान,जिओलॉजी,

पोलिटिक्स, आदिक्षेत्रों में सेवा प्रदान करते हैं।

गांव के गढवी और खोजा समुदाय के बहुत से लोग ब्रिटेन, फ्रांस, इटली, अमेरिका, कनाडा, युगांडा, कांगो, तंजानिया, केन्या, दक्षिण अफ्रीका, अंगोला, मोज़ाम्बीक, मेडागास्कर, मॉरिशस,जापान आदि देशों में बसते हैं।

शिक्षा

जांबुडा में शिक्षाक्षेत्र का विकास मध्यम हुआ है

यहां आंगनवाड़ी,सरकारी प्राइमरी स्कूल और हाईस्कूल उपलब्ध है जहां पर 10वी कक्षा तक का शिक्षण मुफ्त है। गांव के पास प्राइवेट स्कूल्स और डिप्लोमा कोलेज भी है वहां इंजिनियरिंग तक की पढ़ाई हो रही है। समय-समय पर NGO द्वारा महिला उन्नति के लिए ट्रेनिंग क्लास भी अस्तित्व में होते हैं। जांबुडा में आजादी से पहले का पुस्तकालय आबादी के शिक्षा के प्रति लगाव दर्शाता है।

मुख्यस्थान और सुविधाएं

स्थान:

चांपलमाता मंदिर, संकटमोचन हनुमान मंदिर, खोडियारमाता मंदिर, शंकरवाडी मंदिर, बर्ड सैंचुरी रेंज 1, कामईमाता मंदिरखाखी मंदिर, जैन देरासर, लक्ष्मिनारायण मंदिर,‌ लाइब्रेरी, हिंगलाजमाता मंदिर, योगेश्वर मंदिर, गोपालनाथ हनुमान मंदिरकालिन्द्री नदी,सी.ऐच.सी. हेल्थ सेंटर, पोस्ट ओफिस, सरकारी और निजी स्कूल, निजी बैंक, लाइब्रेरी, कम्युनिटी हॉल, धर्मशाला, गौशाला, इत्यादि।

अन्य जानकारी
  • पोप्युलेशन: पुरुष: 1810, स्त्री:1697. कुल: 3507
  • पीनकोड: 361120

शब्दकोश

अनुवाद
Free and no ads
no need to download or install

Pino - logical board game which is based on tactics and strategy. In general this is a remix of chess, checkers and corners. The game develops imagination, concentration, teaches how to solve tasks, plan their own actions and of course to think logically. It does not matter how much pieces you have, the main thing is how they are placement!

online intellectual game →