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महर्षि मेंहीं

सत्संग योग के लेखक| नाम =महर्षि मेंहीं | उपनाम =रामानुग्रहलाल| जन्मतारीख़ =विक्रमी संवत् १९४२ के वैसाख शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तदनुसार 28 अप्रैल, सन् 1885 ई. मंगलवार)| जन्मस्थान =पूर्णियां, मैथिली, अंग्रेजी, बंगाली। काल =भक्ति काल, सन् 1885 से 1986 तक। विधा =कविता, लेख, टीकाकरण आदि। विषय =सामाजिक, आध्यात्मिक| आन्दोलन =भक्ति आंदोलन प्रमुख कृति =सत्संग योग, रामचरितमानस सार सटीक, श्रीगीता-योग-प्रकाश, महर्षि मेंही पदावली आदि। प्रभाव =सिद्ध, प्रभावित =डाक्टर, भक्त, वकील, विदेशी, विद्वान, संन्यासी, साहित्यकार, महर्षि संतसेवी परमहंस, शाही स्वामी जी महाराज।
महर्षि मेंहीं या सदगुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज 19वीं सदी के भारतीय रहस्यवादी कवि और संत थे। वे हिन्दी साहित्य के भक्तिकालीन युग में ज्ञानाश्रयी-निर्गुण शाखा की काव्यधारा के प्रवर्तक थे। इनकी रचनाओं ने भारती हिन्दी प्रदेश के भक्ति आंदोलन को गहरे स्तर तक प्रभावित किया। उनके लेखन आधुनिक विद्वानों के साहित्यों मेंं मिला करता है। ये परम प्रभु परमात्मा, की उपासना अपने शरीर के अंदर ही और नाद ध्यान की साधना द्वारा करने में विश्वास रखते थे। इन्होंने सामाजिक भेड़िया धसान भक्ति की निंदा की, सामाजिक बुराइयों की सख़्त आलोचना अपने प्रवचनों में की, गीता में फैले भ्रामक विचारों पर इन्होंने बहुत प्रकाश डाला है। सत्संग योग की रचना कर इन्होंने यह सिद्ध कर दिया है कि सभी पहुंचे हुए संतों एवं वैदिक धर्मावलंबियों के विचारधारा एक हैं। इन्होंने संतमत परंपरा को आगे बढ़ाते हुऐ संतमत बहुत ही विस्तार किए। इसके साथ-साथ संतमत सत्संग की एक निश्चित प्रणाली का विकास करके प्रचार-प्रसार करने की नियमावली तैयार की।
1. सत्संग - योग चारो भाग 2. विनय - पत्रिका - सार सटीक 3. महर्षि मॅहाँ - वचनामृत, प्रथम खंड 4. सत्संग - सुधा, प्रथम भाग 5. सत्संग सुधा, द्वितीय भाग 6. सत्संग - सुधा, तृतीय भाग 7. सत्संग - सुधा, चतुर्थ भाग 8. भावार्थ - सहित घटरामायण - पदावली 9. वेद दर्शन - योग 10. ईश्वर का स्वरूप और उसकी प्राप्ति 11. ज्ञान - योग - युक्त ईश्वर भक्ति 12. संतवाणी सटीक 13. श्रीगीता - योग - प्रकाश 14. रामचरितमानस - सार सटीक 15. मोक्ष दर्शन 16. महर्षि मॅहीं - पदावली 17. महर्षि मेंहीं सत्संग - सुधा सागर 1. 18. महर्षि मेंहीं सत्संग - सुधा सागर 2
प्राप्ति स्थान
. प्रकाशन विभाग, महर्षि मेंहीं आश्रम, कुप्पाघाट, भागलपुर - ३ बिहार 812003
. सत्संग ध्यान ऑनलाइन स्टोर।

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P73, Traikaalik Sandhya Vidhi aur upaasana स झ भय ग र स म र भ ई .. महर ष म ह पद वल अर थ सह त स तव ण अर थ सह त. अभ गमन त थ 2020 - 01 - 07.
2020 - 01 - 11. P05, Praise and attention of ॐ, अव यक त अन द अनन त अजय, ... महर ष म ह पद वल भजन भ व र थ सह त स तव ण अर थ सह त. अभ गमन त थ 2020 - 01 - 11
द सम बर 2014. P74, How to control your mind मन त म बस त सर न न .. महर ष म ह पद वल अर थ सह त स तव ण अर थ सह त. अभ गमन त थ 2020 - 01 - 08.

सामाजिक लोकतंत्र

साँचा:Social democracy sidebar सामाजिक लोकतंत्र एक राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक विचारधारा हैं, जो पूंजीवादी अर्थव्यवस्था के ढाँचे में सामाजिक न्याय के लिए, और...

सलाफी विचारधारा

सलफ़ी सुन्नी इस्लाम धर्म का एक प्रमुख समुदाय है। ये मुहम्मद साहब को अपना इमाम मानते है। सलाफवाद का उदय 19वी शताब्दी के मध्य में धर्मग्रंथ संबंधित सुधार आंदोल...

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दलित पैंथर

दलित पैंथर मुंबई, महाराष्ट्र में 1972 में गठित एक सामाजिक-राजनीतिक संगठन है, जिसने बाद में एक बड़े आंदोलन का रूप ले लिया। नामदेव ढसाल, राजा ढाले व अरुण कांबल...

लेंटिना ओ ठक्कर

लेंटिना ओ ठक्कर नागालैण्ड की एक समाजसेविका हैं जिन्हें भारत सरकार ने २०१८ में उनके सामाजिक सेवा के क्षेत्र में योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया। वे दश...

लोकतांत्रिक समाजवाद

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