ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 56

शंकर नेत्रालय

शंकर नेत्रालय चेन्नै का लाभ-निरपेक्ष नेत्र चिकित्सालय है। इसके नाम में शंकर शब्द आदि शंकराचार्य को सूचित करता है। इस चिकित्सालय में पूरे भारत से तथा विश्व भर से लोग आंखों से सम्बन्धित समस्याओं की चिकित्सा के लिये आते हैं। इस नेत्रालय में १००० कर् ...

दाबित जल रिऐक्टर

विश्व के अधिकांश नाभिकीय रिएक्टर दाबित जल रिऐक्टर) ही हैं । ये तीन तरह के होते हैं- २ उबलते हुए जल वाले रिएक्टर boiling water reactors BWRs) १ हल्का पानी रिक्टर light-water reactor LWR) ३ अतिक्रांतिक जल रिएक्टर upercritical water reactors SCWRs)

क्वथन जल रिऐक्टर

क्वथन जल रिऐक्टर) विद्युत ऊर्जा उत्पन्न करने के लिये प्रयुक्त एक प्रकार का नाभिकीय रिएक्टर है। इसमें शीतलक के रूप में सामान्य जल प्रयुक्त होता है। दाबित जल रिऐक्टर के बाद विद्युत उत्पादन के लिये यह दूसरा सबसे अधिक प्रचलित परमाणु रिएक्टर है।

वायु

वायु पंचमहाभूतों मे एक हैं| अन्य है पृथिवी, जल, अग्नि व आकाश वायु वस्तुत: गैसो का मिश्रण है, जिसमे अनेक प्रकार की गैस जैसे जारक, प्रांगार द्विजारेय, नाट्रोजन, उदजन ईत्यादि शामिल है।

सूर्यदक्षिणा/नंदनी

कस्यप ऋषि के पोते श्राद्धदेव नन्दन वन में अपनें आश्रम में भगवान की पूजा अर्चना ध्यान व तपस्या किया करते थे। एक दिन सुर्य देव उनके पास आए और उनसे प्रार्थना की, कि वे उनके लिए एक महायज्ञ करें। महायज्ञ की समाप्ति पस्चात सूर्य देव नें उन्हें दक्षिणा ...

अभिचार

अभिचार का सामान्य अर्थ है - हनन। तंत्रों में प्राय: छह प्रकार के अभिचारों का वर्णन मिलता है - 1. मारण, 2. मोहन, 3. स्तंभन, 4. विद्वेषण, 5. उच्चाट्टन और 6. वशीकरण। मारण से प्राणनाश करने, मोहन से किसी के मन को मुग्ध करने, स्तंभन से मंत्रादि द्वारा ...

आत्रेय

यह लेख एक ऋषि के बारे में है, इसी नाम के गोत्र के लिए आत्रेय गोत्र देखें। ऋषि आत्रेय, या ऐतरेय पुनर्वसु, ऋषि अत्रि के वंशज थे, जो महान हिंदू ऋषियों में से एक थे, जिनकी सिद्धियाँ पुराणों में विस्तृत हैं। वे तक्षशिला, गांधार के मूल निवासी थे। ऋषि अ ...

मेगडी

ये मेघवँश के मार्तंड ऋषि की पुत्री थी|जब भगवान एक कोढी का भेष धारण कर धरती पर आए तो किसी ने उस पर ध्यान ही नही दिया| लेकिन मार्तँड ऋषि ने जब उसके कराहने की आवाज सुनी तो वे उस को अपने घर ले जाकर खुब सेवा की| चुँकि भगवान तो ऋषि की परीक्षा लेने आए थ ...

मौसल युद्ध

मौसल युद्ध मौसल यानि मूसल महाभारत के नाम से भी जाना जाता है, द्वारकाधीश भगवान श्रीकृष्ण के कुकर्म रत पुत्र साम्ब की मदिरापान की अवस्था में ऋषि दुर्वासा से किये गये उपहासपूर्ण दुर्व्यवहार के कारण ऋषि दुर्वासा द्वारा श्रीकृष्ण पुत्र साम्ब को दिये ग ...

पाँडु

पाण्डु महाराज विचित्र वीर्य के अम्बालिका से उत्पन्न पुत्र थे। महर्षि व्यास के डर से अम्बालिका का मुख पीला पर गया था इसी से ये पाण्डु रोग से ग्रस्त पैदा हुए और इनका नाम पाण्डु पड़ा. धृतराष्ट के अंधे होने की वजह से ये राजा बने. ऋषि कंदम के श्राप से ...

तित्तिरि

महाभारत के सभापर्व में युधिष्ठिर की सभा में उपस्थित रहने वाले ऋषियों में वैशम्पायन याज्ञवल्क्य से पहले इनका नाम लेते हैं। शान्तिपर्व में उपरिचर वसु के यज्ञ में एक सदस्य के रूप में आद्य कठ के साथ इनका स्पष्ट उल्लेख वैशम्पायन के बड़े भाई वैशम्पायनप ...

कट्ठा

कठ्ठा भारत और बांग्लादेश में भूमि का क्षेत्रफल की पारम्परिक ईकाई है। २० कठ्ठा मिलाकर १ बीघा होता है। कठ्ठा यह भारत, नेपाल और बांग्लादेश में भूमि का क्षेत्रफल की एक पारम्परिक इकाई है। २० कठ्ठा मिलाकर १ बीघा होता है। यह इकाई अभी भी बांग्लादेश और भा ...

वेदांगो

वेदों के सर्वांगीण अनुशीलन के लिये शिक्षा, कल्प, व्याकरण, निरुक्त, छन्द और ज्योतिष- इन ६ अंगों के ग्रन्थ हैं। प्रतिपदसूत्र, अनुपद, छन्दोभाषा, धर्मशास्त्र, न्याय तथा वैशेषिक- ये ६ उपांग ग्रन्थ भी उपलब्ध है। आयुर्वेद, धनुर्वेद, गान्धर्ववेद तथा स्था ...

नन्दिनी (बहुविकल्पी)

नन्दिनी का अर्थ है आनन्दित करने वाली या बेटी। पार्वती देवी को प्रायः इस नाम से सम्बोधित किया गया है। नन्दिनी गाय -- वशिष्ट की कामधेनु का नाम जो सुरभि की कन्या थी । नन्दिनी छन्द -- तेरह अक्षरों के एक वर्णवृत्त का नाम । इसमें एक सगण, एक जगण, फिर दो ...

भद्रेश्वर महादेव

श्री भद्रेश्वर महादेव का मन्दिर भाटुन्द से 4 किलोमीटर दूर था लेकिन 50- 60 वर्ष पुर्व जवाई बाँध बनाने के कारण यह मन्दिर पानी में चला गया था। फिर नया मन्दिर दुदनी गाँव में स्थापित किया था। अब यह 13 किलोमीटर दूर है। यह श्री आदोरजी महाराज के इस्ट देव है।

मा आशापुरा

मा आशापुरा देवी का मन्दीर् राज्स्थान के नादोल नाम के गाव में स्थीत है यह मन्दीर नादोल गाव का सब से वीशाल मन्दीर है ओर यह मन्दीर नादोल गाओ की पह्चान {शान्} माना जाता है कह्ते हैं कि माता जी का नाम आशापुरा इस्लीये हैं क्यो की वे सभी भक्तो की असम्भव ...

पटना कॉलेज

पटना कॉलेज,पटना यह कॉलेज पटना का सबसे प्राचीन कॉलेज हैं।पटना विश्वविधालय के महत्वपूर्ण कॉलेजो में से एक हैं,गंगा नदी के तट पर बना यह हैं,कॉलेज पुरे बिहार के लिए धरोहर हैं,

फाफामऊ जंक्शन रेलवे स्टेशन

यह स्टेशन उत्तर रेलवे की लखनऊ जोन के अंतर्गत आता है यह इलाहाबाद की उत्तर में गंगा नदी के दूसरे छोपर है वर्तमान में यहां तीन प्लेटफार्म है जबकि दो प्लेटफॉर्म निर्माणाधीन है। यहाँ 40 से अधिक रेलगाड़ी विश्राम लेती है। यहां से प्रयाग स्टेशन की दूरी 6 ...

कौस्तुभ

कौस्तुभ एक मणि है जो भगवान विष्णु के पास रहती है। यह मणि समुद्र मंथन के समय पाँचवे नंबर पर रत्न के रूप में निकली थी, जिसे स्वयं भगवान विष्णु ने धारण किया था | श्रीमद भागवत के अनुसार श्री कृष्ण के लीला चरित्र वर्णन में इस मणि का उल्लेख है | बृज के ...

कसौनी

प्राकतिक रूप मे इस प्रयटन स्थल का रूप देखना जीते जी स्वर्ग देखने के सामान हे! कोसानी से गरुड़् घाटी का द्रश्य देखने प्रत्येक वर्ष अनेक लोग आते हे! हिमालय का अदभुत नाजारा मन को मोह लेता हे

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