ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 363

भारतीय महाकाव्य

भारत में संस्कृत तथा अन्य भाषाओं में अनेक महाकाव्यों की रचना हुई है। भारत के महाकाव्यों में वाल्मीकि रामायण, व्यास द्वैपायन रचित महाभारत, तुलसीदासरचित रामचरितमानस, आदि ग्रन्थ परमुख हैं।

भारतीय साहित्य

भारतीय साहित्य से तात्पर्य सन् १९४७ के पहले तक भारतीय उपमहाद्वीप एवं तत्पश्चात् भारत गणराज्य में निर्मित वाचिक और लिखित साहित्य से है। दुनिया में सबसे पुराना वाचिक साहित्य आदिवासी भाषाओं में मिलता है। इस दृष्टि से आदिवासी साहित्य सभी साहित्य का म ...

भारतीय साहित्य अकादमी

भारत की साहित्य अकादमी भारतीय साहित्य के विकास के लिये सक्रिय कार्य करने वाली राष्ट्रीय संस्था है। इसका गठन १२ मार्च १९५४ को भारत सरकार द्वारा किया गया था। इसका उद्देश्य उच्च साहित्यिक मानदंड स्थापित करना, भारतीय भाषाओं और भारत में होनेवाली साहित ...

मगही उपन्यास

मगही में पद्य साहित्य जितना प्राचीन और समृद्ध है, उतना गद्य साहित्य नहीं। अन्य भारतीय भाषाओं की तरह मगही में भी गद्य साहित्य का आरंभ 19वीं सदी के अंत में हुआ। लेकिन मगही साहित्येतिहासकारों के अनुसार मगही का पहला उपन्यास उपन्यासिका या लंबी कहानी ‘ ...

मगही साहित्य

मगही साहित्य से तात्पर्य उस लिखित साहित्य से है जो पाली मागधी, प्राकृत मागधी, अपभ्रंश मागधी अथवा आधुनिक मगही भाषा में लिखी गयी है। ‘सा मागधी मूलभाषा’ से यह बोध होता है कि आजीवक तीर्थंकर मक्खलि गोसाल, जिन महावीऔर गौतम बुद्ध के समय मागधी ही मूल भाष ...

राष्ट्रकूट साहित्य

राष्ट्रकूट राजवंश के राज्यकाल में विशाल मात्रा में कन्नड, संस्कृत, प्राकृत तथा अपभ्रंश साहित्य रचा गया। इस राजवंश का प्रसिद्ध शासक अमोघवर्ष प्रथम ने सबसे पुरानी ज्ञात कन्नड कविता कविराजमार्ग के कुछ खंडों की रचना की थी। उनके शासन काल में जैन गणितज ...

विजयनगर साहित्य

विजयनगर साहित्य से आशय विजयनगर साम्राज्य में रचित कन्नड, तेलुगु संस्कृत और तमिल साहित्य से है। यह काल दक्षिण भारत के साहित्यिक इतिहास का स्वर्ण काल था। इस काल में राजाओं ने विभिन्न भाषाओं के साहित्यकारों को आश्रय दिया जिन्होने जैन, वीरशैव और वैष् ...

विश्वसाहित्य विज्ञानकोश

विश्वसाहित्य विज्ञानकोश भारत के केरल राज्य में प्रकाशित हुआ साहित्य का एक विश्वज्ञानकोश है। इस विज्ञानकोश पर काम केरल के राज्य विश्वकोश प्रकाशन संसथान में सन् 1984 में शुरू हुआ था और दस वर्ष उपरांत 1994 में पहली जिलद छपी थी। विज्ञानकोश की 10वीं औ ...

शुनःशेप

शुनःशेप ऐतरेय ब्राह्मण में स्थित एक आख्यान है। इसका सारांश यह है कि जब तक मृत्यु सामने न आये तब तक रूपान्तरण नहीं होता। यह आख्यान मानवीय लोभ, बेइमानी और उससे ऊपर उठने की क्षमता की कथा है। लेकिन है तो एक कथा ही, वर्तमान कथा को रोचकता से दिखाने पर ...

सुनीता-मगही का प्रथम उपन्यास

सुनीता 1927 में रचित मगही भाषा का पहला उपन्यास है। इसकी रचना नवादा के मोख्तार बाबू जयनाथ पति ने की थी। उपन्यास की कथावस्तु सामाजिक रूढ़ि बेमेल विवाह और उसका नकार है। सामाजिक वर्जना को तोड़ने और अंतरजातीय विवाह संबंध की वकालत करने वाले नायिका केन् ...

सुवर्णभूमि

सुवर्णभूमि अनेकों प्राचीन भारतीय साहित्यिक स्रोतों में तथा बौद्ध ग्रन्थों में प्रयुक्त शब्द है। उदाहरण के लिए यह शब्द महावंस, कुछ जातक कथाओं, मिलिन्द मान्ह तथा रामायण में आया है। दक्षिणपूर्व एशिया के अनेक क्षेत्रों देशों को स्वर्नभूमि कहा जाता था ...

बैटल रोयाल (उपन्यास)

बैटल रोयाल जापानी लेखक कौशुन ताकामी का उपन्यास है। मूल रूप से १९९६ में पूरा किया गया था। कहानी जूनियर हाई स्कूल के छात्रों के बारे में बताती है, जो कि सत्ताधारी जापानी सरकार द्वारा चलागए एक कार्यक्रम में मृत्यु के लिए एक दूसरे से लड़ने के लिए मजब ...

होक्कु

होक्कु जापान की परम्परावादी मिलित प्रयास की शृंखलाबद्ध काव्य रचना रेंगा अथवा इसके उत्तरोत्तर रेंकु के शुरुआती छंद को कहा जाता है। मात्सुओ बाशो के समय से, होक्कु स्वतंत्र कविता के रूप में प्रतीत होने लगी और हाइबुन में भी सम्मिलित होने लगी।

ओस्त्रोग

ओस्त्रोग या ऑस्त्रोग​ रूसी भाषा में एक छोटे क़िले के लिए शब्द है, जो अक्सर लकड़ी के बने होते हैं और जिनमें सैनिक अस्थाई रूप से रहते हैं। ओस्त्रोगों के घेरे अक्सर पेड़ों के तनों को काटकर और तराशकर उनकी ४-६ मीटर ऊँची दीवार के रूप में होते थे। इसी व ...

क्रेमलिन

सामंतवादी युग में रूस के विभिन्न नगरों में जो दुर्ग बनागए थे वे क्रेमलिन कहलाते हैं। इनमें प्रमुख दुर्ग मास्को, नोव्गोरॉड, काज़ान और प्सकोव, अस्त्राखान और रोस्टोव में हैं। ये दुर्ग लकड़ी अथवा पत्थर की दीवारों से बने थे और रक्षा के निमित्त ऊपर बुर ...

अलेक्सान्द्र निकोलायेविच अर्ख़ान्गेल्स्की

अलेक्सांदर अर्ख़ान्गेल्स्की रूस के आलोचक, साहित्यिक समीक्षक तथा पत्रकार हैं। इनका जन्म १९६२ में मॉस्को में हुआ। १९८४ में मॉस्को राजकीय अध्यापन संस्थान की रूसी भाषा और साहित्य फैकल्टी से एम.ए. करने के बाद इन्होंने १९८८ में पीएच.डी. की। १९८० से १९८ ...

अर्तूर अलेक्सान्द्रोविच गिवारगीज़ोव

अर्तूर गिवारगीज़ोव - रूसी कथाकार, कवि और बाल-लेखक। अरतूर गिवारगीज़ोव का जन्म १९६५ में कियेव में हुआ। आजकल वे मॉस्को में रहते हैं। मॉस्को संगीत महाविद्यालय के अंतर्गत कार्यरत संगीतशाला की शिक्षा समाप्त करने के बाद अरतूर गिवारगीज़ोव एक संगीतशाला मे ...

अलेक्जेंडर बलोक

बलोक सेंट पीटर्सबर्ग में, एक परिष्कृत और बौद्धिक परिवार में पैदा हुए थे। उनके कुछ रिश्तेदार साहित्यिक पुरुष थे, उसके पिता वारसॉ में एक कानून के प्रोफेसर और अपने नाना सेंट पीटर्सबर्ग राज्य विश्वविद्यालय के रेक्टर थे। अपने माता - पिता के अलग होने क ...

आदमी को कितनी ज़मीन चाहिए?

आदमी को कितनी ज़मीन चाहिए? लेव तालस्तोय की 1886 में लिखी कहानी है। इस में दो बातें बड़े पत्तों की कही गई हैं। पहली यह कि आदमी की इच्छाएँ, कभी पुरी नहीं होती। जैसे-जैसे आदमी उनका ग़ुलाम बनता जाता है, वह ओर बढ़ती जातीं हैं। दूसरे, आदमी आपाधापी करता ...

इवान तुर्गेन्येव

इनका जन्म ओर्योल, रूस में 9 नवम्बर 1818 को हुआ था। जब इवान सोलह वर्ष के थे, तभी उनके पिता का देहांत हो गया था। इनका बचपन अपनी माँ के डर में ही बिता। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद यह मॉस्को विश्वविद्यालय में एक वर्ष के लिए चले गए।

एदुआर्द निकोलायेविच उस्पेंस्की

रूस के सबसे प्रसिद्ध बच्चों के लेखक, हर रूसी बच्चे के परिचित पात्रों के रचयिता एदुआर्द उस्पेन्सकी का जन्म १९३७ में हुआ। १९६१ में इन्होंने मॉस्को एविएशन इंस्टीट्यूट से एम.एससी. किया और उसके बाद मॉस्को के विमान निर्माण कारखाने में इंजीनियर के पद पर ...

तत्याना वितालियेव्ना उस्तीनोवा

जासूसी उपन्यासों की लेखिका मॉस्को में जन्मीं और पली-बढ़ीं तत्याना उस्तीनवा ने मॉस्को के भौतिकी-तकनीकी संस्थान के हवाई तकनीक और उड़ान तकनीक संकाय से एम.एससी. किया। उसके बाद पहले उन्होंने सेक्रेटरी के रूप में और फिर संपादक के रूप मे अखिल रूसी राजकी ...

द प्रोटोकॉल ऑफ द एल्डर्स ऑफ जियोन

द प्रोटोकॉल ऑफ द एल्डर्स ऑफ जियोन रूस का एक फर्जीवाड़ा है। यह फ्रांसीसी नाटक फ्रॉम द नाइटींथ सेंचुरी पर आधारित था। आंद्रोपोव एल्डर्स ऑफ जियोन को अमेरिकी कांग्रेस बताकर प्रचारित करते थे। आंद्रोपोव जो कि 1967 में अरब-इजरायल के युद्ध के ठीक छह दिन प ...

पिता और पुत्र

1860 ईस्वी में महान रूसी लेखक इवान तुर्गनेव द्वारा रचित उपन्यास पिता और पुत्र वर्तमान परिपेक्ष्य में भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना उस दौर में था। तुर्गेनेव ने इस उपन्यास को उस दौर में लिखा था, जब रूस में तानाशाह जार निकोलाई प्रथम के शासन का अंत ...

फ़्योदोर दोस्तोयेव्स्की

फ़्योदर दस्ताएवस्की - रूसी भाषा के एक महान् साहित्यकार,विचारक, दार्शनिक और निबन्धकार थे, जिन्होंने अनेक उपन्यास और कहानियाँ लिखीं पर जिन्हें अपने जीवनकाल में लेखक के रूप में कोई महत्व नहीं दिया गया। मृत्यु होने के बाद दस्ताएवस्की को रूसी यथार्थवा ...

मक्सीम अल्बेर्तोविच अमेलिन

मक्सीम अल्बेर्ताविच अमेलिन कवि, अनुवादक, निबंधकार, पत्रकार तथा प्रकाशक हैं। उनका जन्म १९७० में कूर्स्क में हुआ। व्यावसायिक कॉलेज की शिक्षा समाप्त करने के उपरांत मक्सीम अमेलिन विश्व-प्रसिद्ध गोर्की साहित्य संस्थान के छात्र रहे। आजकल वे प्रकाशन व्य ...

मिख़ईल इयोसिफ़ोविच वेलेर

मिखाइल वेल्लेर का जन्म १९४८ में एक फौजी अफसर के परिवार में हुआ। उनका बचपन साइबेरिया और सुदूर-पर्व की फौजी छावनियों में गुज़रा। उन्होंने १९७२ में लेनिनग्राद राजकीय विश्विद्यालय के भाषा-संकाय से एम.ए. किया। और उसके बाद, जैसा कि खुद उनका कहना है, उन ...

मिखाइल शोलोखोव

मिखाइल अलेक्सान्द्रोविच शोलोख़ोव का जन्म एक निम्न मध्यवर्गीय रूसी किसान परिवार में 24 मई 1905 ई० को हुआ था। उनका परिवार दोन कज्जाक सेना के भूतपूर्व क्षेत्र वेशेन्स्काया स्तानित्सा बड़ा कज्जाक गाँव के क्रुझिलिन खुतोर फार्म-प्रतिष्ठान में रहता था। ...

युद्ध और शान्ति

युद्ध और शान्ति रूस के प्रसिद्ध लेखक लेव तोलस्तोय द्वारा रचित उपन्यास है। यह पहली बार १८६९ में प्रकाशित हुआ था। यह एक विशाल रचना है और विश्व साहित्य की महानतम रचनाओं में इसकी गणना होती है।

यूरी मिख़ाय्लोविच पलिकोव

कथाकार, पत्रकार, नाटककाऔर कवि यूरी पलिकोफ़ का जन्म १९५४ में मास्को में हुआ। १९७६ में उन्होंने मास्को प्रदेश अध्यापन संस्थान से एम.ए. किया और फिर वहीं से पीएच.डी. की। इसके बाद वे एक स्कूल में अध्यापन करने लगे। बाद में मास्कोव्स्की लितरातर नामक साह ...

येव्गेनी निकोलायेविच प्रिलेपिन

ज़ख़ार प्रीलेपिन का जन्म १९७५ में हुआ। उन्होंने लबाचेव्सकी नीझेगरोदस्की राजकीय विश्वविद्यालय के भाषा संकाय से एम.ए. किया है। ज़ख़ार ने अपना जीवन एक आम मज़दूर के रूप में शुरू किया। फिर वे चौकीदार से लेकर पल्लेदार तक रहे। ज़ख़ार प्रीलेपिन ने चेचेनि ...

रवील रईसोविच बुख़रायेव

रूसी कवि, कथाकार, पत्रकार, अनुवादक, नाटककार तथा रूसी और तातारी कवियों के अनेक कविता-संकलनों के संपादक रवील बुख़ाराएव का जन्म १९५१ में रूस के कज़ान नगर में हुआ। १९७४ में कज़ान विश्वविद्यालय की मैकेनिकल-मैथमैटिक्स फैकल्टी से एम.ए. करने के बाद रवील ...

लीदिया निकोलायेव्ना गेओर्गीयेवा

कवि, निबंधकार, संस्कृतिविद् लीदिया ग्रिगोर्येवा का जन्म उक्राइना में हुआ। १९६९ में लीदिया ने कज़ान राजकीय विश्वविद्यालय के इतिहास और भाषा संकाय से एम.ए. की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद वे पत्रकार रहीं, स्कूल में अध्यापिका रहीं और रेडियो की राष्ट्रीय प ...

लेव तोलस्तोय

लेव तोलस्तोय उन्नीसवीं सदी के सर्वाधिक सम्मानित लेखकों में से एक हैं। उनका जन्म रूस के एक संपन्न परिवार में हुआ था। उन्होंने रूसी सेना में भर्ती होकर क्रीमियाई युद्ध में भाग लिया, लेकिन अगले ही वर्ष सेना छोड़ दी। लेखन के प्रति उनकी रुचि सेना में ...

शब्दकोश

अनुवाद
Free and no ads
no need to download or install

Pino - logical board game which is based on tactics and strategy. In general this is a remix of chess, checkers and corners. The game develops imagination, concentration, teaches how to solve tasks, plan their own actions and of course to think logically. It does not matter how much pieces you have, the main thing is how they are placement!

online intellectual game →