ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 289

खैशगी

खैशगीखैशगी एक पख़्तून क़बीला है। अनुमानों के मुताबिक़ इसकी कुल संख्या साढ़े छ: लाख है। यह क़बीला अफ़ग़ानिस्तान, पाकिस्तान व भारत में विभिन्न एं निवासरत है। मौखिक परंपराओं के मुताबिक़ यह क़बीला ख़ुद को बनी इस्राएल से मानता है। इसके 100% लोग इस्लाम ...

रैबारी

मुख्य रूप से यह जाती रबारी, रैबारी राईका, गोपालक, मालधारी एव देवासी के नाम से जानेवाली यह एक अति प्राचीन जाती है। खेती और पशुपालन भारतीय लोगो का मुख्य व्यवसाय रहा है। इस जाती के लोग भी इसी व्यवसाई से जुड़े हुए लोग है। रैबारी उत्तर भारत की एक प्रम ...

इश्वरसेन आभीर

ईश्वरसेन सर्वप्रथम और प्रमुख आभीर राजा थे। ये लगभग तीसरी सदी में महाराष्ट्र के उत्तरी भाग पर शासन करते थे। आभीर गण परंपरावादी थे। राजन ईश्वरसेन के साथ आभीरों ने राजतंत्र को अपनाया।

आसफ़ जाही राजवंश

इस राजवंश की स्थापना क़मरुद्दीन खान आसफ जाह I, एक महान और मुगल दरबारी ने की थी़ आसफ़जाहि निजाआम तौपर सात ही गिने जाते हैं हालांकि वे दस थे। नासिर जंग, मुजफ्फर जंग और सलाबत जंग जो एक दशक के लिए इस शासन पर राज किया़; इन्हे केवल डेक्कन के सूबेदार के ...

कल्ब अली ख़ान वहादूर

हाजी नवाब कल्ब अली ख़ान बहादूर १८६५ से १८८७ तक रामपुर के नवाब थे। नवाब कल्बे अली खान अरबी और फारसी के विद्वान थे तथा उनके शासनकाल में रामपुर रियासत में साहित्य को भरपूर प्रोत्साहन मिला नवाब कल्ब अली खान का महत्वपूर्ण योगदान 13वीं शताब्दी के प्रसि ...

पटौदी के नवाब

शब्द नवाब के पटौदी उत्तरी भारत में पटौदी राज्य रियासत थी। पटौदी की स्थापना वर्ष 1804 में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा की गई जब अफ्गानी पठान फैज़ तलब खान को यहाँ का नवाब बनाकर द्वितीय आंग्ल-मराठा युद्ध में मराठा साम्राज्य के सामने खड़ा किया।

सिकंदर महल बेगम

सिकंदर महल, अवध के नवाब वाजिद अली शाह की सबसे प्रिय बेगम थीं। नवाब वाजिद अली शाह ने लखनऊ की सीमा पर अपनी बेगम के नाम पर सिकन्दर बाग़ का निर्माण करवाया था जिसे वो अपने ग्रीष्मावास के तौपर इस्तेमाल करते थे।

अशोक

चक्रवर्ती सम्राट अशोक मौर्य विश्वप्रसिद्ध एवं शक्तिशाली भारतीय मौर्य राजवंश के महान सम्राट थे। सम्राट अशोक का पूरा नाम देवानांप्रिय अशोक मौर्य था। उनका राजकाल ईसा पूर्व २६९ सेo. २३२ प्राचीन भारत में था। मौर्य राजवंश के चक्रवर्ती सम्राट अशोक मौर्य ...

चन्द्रगुप्त मौर्य

चन्द्रगुप्त मौर्य में भारत के सम्राट थे। इनको कभी कभी चन्द्रनन्द नाम से भी संबोधित किया जाता है। इन्होंने मौर्य साम्राज्य की स्थापना की थी। चन्द्रगुप्त पूरे भारत को एक साम्राज्य के अधीन लाने में सफ़ल रहे। भारत राष्ट्र निर्माण मौर्य गणराज्य सम्राट ...

बिन्दुसार

बिम्बिसार से भ्रमित न हों। बिन्दुसार राज 298-272 ईपू मौर्य राजवंश के राजा थे जो चन्द्रगुप्त मौर्य के पुत्र थे। बिन्दुसार को अमित्रघात, सिंहसेन्, मद्रसार तथा अजातशत्रु वरिसार भी कहा गया है। बिन्दुसार महान मौर्य सम्राट अशोक के पिता थे। चन्द्रगुप्त ...

बृहद्रथ मौर्य

यह बौध्द था इन्होने कई बौध्द स्तूप का पुनर्माण कराया था। जैसे सांची और भरहूत इसकी हत्या इनके ही सेनापति पुष्यमित्र शुंग के द्वारा 185 ई0पू0 को कर दी गई थी। पुष्यमित्र शुंग अंतिम तथा 10 राजा बृहद्रथ के सबसे खूबसूरत पत्नी का सगा भाई था और ब्राह्मण ...

आदित्य प्रथम

विजयालय चोल के पुत्र आदित्य प्रथम चोल राजा थे जिन्होंने पल्लवों पर विजय से चोल का प्रभुत्व बढ़ाया और पश्चिम गंग वंश पर कब्जा कर लिया था।

कीर्तिवर्मन चन्देल

कीर्तिवर्मन,मध्य भारत के चन्देल राजवंश के राजा थे। उनका शासन बुन्देलखंड के जेजाकभुक्ति में हुआ करता था। उन्होने कल्चुरी वंश के राजा लक्ष्मी-कर्ण को पराजित कर चन्देल वंश की शक्ति पुनरार्जित की थी।

आदित्य नारायण सिंह

कैप्टन महाराजा सर आदित्य नारायण सिंह सन् १९३१ से १९३९ तक काशी राज्य के नरेश रहे। कैप्टन महाराजा आदित्य नारायण सिंह लेफ्टिनेंट कर्नल महाराजा प्रभु नारायण सिंह के पुत्र थे। इनका जन्म 17 नवंबर 1874 को हुआ था। आदित्य नारायण सिंह सन् 1931 में 4 अगस्त ...

उदित नारायण सिंह

महाराजा उदित नारायण सिंह, वाराणसी के राजघराने से काशी नरेश थे। इनका राज्यकाल १२ सितंबर १७९५ से ४ अप्रैल १८३५ तक रहा। ये महिप नारायण सिंह के ज्येष्ठतम जीवित पुत्र थे। इनका वाराणसी की संस्कृति में बड़ा योगदान रहा।. इन्होंने रामनगर, वाराणसी की प्रसि ...

चैत सिंह

श्री चेत सिंह सन १७७० से १७८० तक काशी राज्य के नरेश रहे। सन् १९७० ई. में महाराजा बलवन्त सिंह की मृत्यु के बाद उनके ज्येष्ठ पुत्र चेत सिंह काशी-राज की गद्दी पर आसीन हुए और मात्र १० वर्षों तक ही के शासनकाल में अपनी शूरवीरता और पराक्रम से प्रथम ब्रि ...

मनसा राम

आधुनिक बनारस राज्य की स्थापना श्री मनसा राम ने की थी। ये एक भूमिहार ब्राह्मण थे | इनका गोत्र गौतम था। कहा जाता की करीब १००० साल पहले इनके पूर्वजों को किसी साधू ने भविष्यवाणी की थी की इनके वंशज भविष्य में काशी क्षेत्र के राजा होंगे। इनका पैतृक परि ...

महाराजा श्री ईश्वरी नारायण सिंह बहादुर

श्री महाराजा श्री ईश्वरी नारायण सिंह बहादुर सन १८३५ से १८८९ तक काशी राज्य के नरेश रहे। महाराजा ईश्वरी प्रसाद नारायण सिंह का जन्म सन् 1818 में हुआ था। काशी नरेश राजा उदित नारायण सिंह के निधन के बाद ईश्वरी प्रसाद नारायण सिंह सन् 1835 ई. में काशी के ...

महीप नारायण सिंह

महीप नारायण सिंह सन १७८१ से १७९४ तक काशी राज्य के नरेश रहे। महाराजा महीप नारायण सिंह का जन्म 1756 ई. में हुआ था। काशी नरेश चेत सिंह के बनारस छोड़कर ग्वालियर में बस जाने के बाद उनके भानजे को 14 सितबंर 1781 को ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा काशी का महारा ...

राजा बलवंत सिंह

श्री बलवंत सिंह सन १७४० से १७७० तक काशी राज्य के नरेश रहे। मनसाराम ने भवनों के क्षीण होते साम्राज्य के अन्तिम काल में जान-माल लूट लेने वाले क्रूर दस्युओं से अपनी राजनीतिक सूझबूझ एवं रण-कौशल द्वारा प्रजा की सुरक्षा की और इन अराजक तत्वों की गतिविधि ...

विभूति नारायण सिंह

डॉ॰विभूति नारायण सिंह भारतीय स्वतंत्रता पूर्व काशी राज्य के अंतिम काशी नरेश थे। इसके बाद १५ अक्टूबर, १९४८ को राज्य भारतीय संघ में मिल गया। २००० में इनकी मृत्यु उपरांत इन नरेश हैं और इस परंपरा के वाहक हैं।

प्रादेशिक प्रतिनिधित्व प्रणाली

प्रादेशिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के अंतर्गत संपूर्ण भूभाग को विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में बांट दिया जाता है और प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र से एक व्यक्ति या प्रतिनिधि निर्वाचित होता है। 84 वे संविधान संशोधन द्वारा 1991 की जनगणना आधार रखा और 87 वे सं ...

जस्टिस पार्टी

यह बीसवीं सदी के आरंभ में उभरने वाले एक जाति आधारित आंदोलन को संचालित करने के लिए निर्मित संगठन थी। मद्रास में 1915-1916 के आसपास मंझोली जातियों की ओर से सी.एन. मुलियार, टी। एन, नायर और पी. त्यागराज चेट्टी ने जस्टीस आंदोलन की स्थापना की थी। इन मं ...

राजनीतिक विचारधाराओं की सूची

यह राजनीतिक विचारधाराओं की सूची है। अनेक राजनीतिक दल अपने राजनीतिक कार्यों और चुनाव पत्र को किसी विचारधारा पर आधारित रखते हैं। सामाजिक अध्ययन में, राजनीतिक विचारधारा, किसी सामाजिक आन्दोलन, संस्था, वर्ग, और/या बड़े समूह के आदर्शों, सिद्धान्तों, उप ...

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी एक राजस्थान का पंजीकृत पहला क्षेत्रीय राजनीतिक दल है जिसकी स्थापना राजस्थान के नागौर संसदीय क्षेत्र के वर्तमान सदस्य हनुमान बेनीवाल ने 29 अक्टूबर 2018 को की। यह दल देश का 59वाँ और राजस्थान का पहला पंजीकृत क्षेत्रीय दल ...

समाजवादी सेक्युलर मोर्चा

समाजवादी सेकुलर मोर्चा विभिन्न छोटे व मझोले दलों का एक राजनीतिक गठबंधन है। इसके संयोजक शिवपाल सिंह यादव हैं। इस गठबंधन में लगभग ४२ से अधिक दल हैं। यह समाजवादी पार्टी से अलग होकर बना एक मोर्चा है जिसका उद्देश्य सामाजिक न्याय व विकास की यात्रा में ...

२१वीं सदी के लोकतंत्रवादी

२१वीं सदी के लोकतंत्रवादी सूरीनाम का एक राजनैतिक दल है। पिछ्ले विधायी चुनावों २५ मई २००५, में यह दल "ए१" चुनावी गठबंधन का एक घटक दल था जिसे ६.२% मत मिले थे और राष्ट्रीय विधानसभा की कुल ५३ सीटों में से ३ पर विजय प्राप्त हुई।

शब्दकोश

अनुवाद
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