ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 270

चैती देवी मन्दिर, काशीपुर

चैती देवी मन्दिर उत्तराखण्ड के नैनीताल जिले में काशीपुर कस्बेे में कुँडेश्वरी मार्ग पर स्थित है। यह स्थान महाभारत से भी सम्बन्धित रहा है और इक्यावन शक्तिपीठों में से एक है। यहां प्रतिवर्ष चैत्र मास की नवरात्रि में चैती मेला का आयोजन किया जाता है। ...

तारा तारिणी मंदिर

तारा तारिणी मंदिर, भारतीय की पूर्बी तटीय राज्य ओड़ीशा का ब्रह्मपुर सहर से 29 km दूर ऋषिकुल्या नदी के किनारे रहे पुण्यगिरी के ऊपर स्थित माँ की प्रसिद्ध मंदिर हे। यह भारत के 52 शक्ति पीठों से अनन्यतम है और यहाँ सती के स्थन गिरने कि दाबा कीया जाता ह ...

तुलजा भवानी मंदिर, उस्मानाबाद

महाराष्ट्र के उस्मानाबाद जिले में स्थित है तुलजापुर। एक ऐसा स्थान जहाँ छत्रपति शिवाजी की कुलदेवी माँ तुलजा भवानी स्थापित हैं, जो आज भी महाराष्ट्र व अन्य राज्यों के कई निवासियों की कुलदेवी के रूप में प्रचलित हैं। तुलजा भवानी महाराष्ट्र के प्रमुख स ...

त्रिपुर सुंदरी मंदिर, त्रिपुरा

पौराणिक कथा के अनुसार, इस स्थान पर माता सती के सीधे पैर के अंगुलियों के निशान आज भी मौजूद है। यह मंदिर राज्य के प्रमुख पयर्टन स्थलों में से एक है। हजारों की संख्या में भक्त प्रतिदिन मंदिर में माता के दर्शनों के लिए आते हैं।

नैना देवी मंदिर, हिमाचल प्रदेश

नैना देवी मंदिर हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में है। यह शिवालिक पर्वत श्रेणी की पहाड़ियो पर स्थित एक भव्य मंदिर है। यह देवी के 51 शक्ति पीठों में शामिल है। नैना देवी हिंदूओं के पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक है। यह स्थान नैशनल हाईवे न. 21 से जुड ...

पाटन देवी

उत्तर-प्रदेश के जनपद बलरामपुर की तहसील तुलसीपुर नगर से 1.5 कि॰मी॰ की दूरी पर सिरिया नाले के पूर्वी तट पर स्थित सुप्रसिद्ध सिद्ध शक्तिपीठ मां पाटेश्वरी का मंदिर देवी पाठन है, जो देशभर में फैलते 51 शक्तिपीठों में मुख्य स्थान रखता है। यह शिव और सती ...

पावागढ़ शक्तिपीठ

काली माता का यह प्रसिद्ध मंदिर माँ के शक्तिपीठों में से एक है। शक्तिपीठ उन पूजा स्थलों को कहा जाता है, जहाँ सती माँ के अंग गिरे थे। पुराणों के अनुसार पिता दक्ष के यज्ञ में अपमानित हुई सती ने योगबल द्वारा अपने प्राण त्याग दिए थे। सती की मृत्यु से ...

शक्ति पीठ

हिन्दू धर्म के अनुसार जहां सती देवी के शरीर के अंग गिरे, वहां वहां शक्ति पीठ बन गईं। ये अत्यंत पावन तीर्थ कहलाये। ये तीर्थ पूरे भारतीय उपमहाद्वीप पर फैले हुए हैं। जयंती देवी शक्ति पीठ भारत के मेघालय राज्य में नाॅरटियांग नामक स्थान पर है।

श्मशान चंडी

श्मशान चंडी 52 शक्तिपीठों में से एक शक्तिपीठ है। माना जाता है कि विष्णु द्वारा सती की मृत देह को खंडित करने के बाद यहां देवी सती की बाईं आंख गिरी थी। यह स्थल बिहार के मुंगेर जिला मुख्यालय से करीब चार किलोमीटर दूर है। गंगा किनारे स्थित इस मंदिर के ...

द्वारका

द्वारका गुजरात के देवभूमि द्वारका जिले में स्थित एक नगर तथा हिन्दू तीर्थस्थल है। यह हिन्दुओं के साथ सर्वाधिक पवित्र तीर्थों में से एक तथा चार धामों में से एक है। यह सात पुरियों में एक पुरी है। जिले का नाम द्वारका पुरी से रखा गया है जीसकी रचना २०१ ...

पुरी

पुरी भारत के ओड़िशा राज्य के पुरी ज़िले में स्थित एक नगर है। यह उस ज़िले का मुख्यालय भी है। भारत के चार पवित्रतम स्थानों में से एक है पुरी, जहां समुद्र इस शहर के पांव धोता है। कहा जाता है कि यदि कोई व्यक्ति यहां तीन दिन और तीन रात ठहर जाए तो वह ज ...

बद्रीनाथ (नगर)

बद्रीनाथ भारत के उत्तरी भाग में स्थित एक स्थान है जो हिन्दुओं एवं जैनो का प्रसिद्ध तीर्थ है। जोकि जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ को समर्पित है। यहउत्तराखण्ड के चमोली जिले में स्थित एक नगर पंचायत है। यहाँ बद्रीनाथ मन्दिर है जो हिन्दुओं के ...

भारत के चार धाम

उत्तरांचल के बद्रीनाथ में स्थित है ज्योतिर्मठ। ज्योतिर्मठ के अंतर्गत दीक्षा प्राप्त करने वाले संन्यासियों के नाम के बाद गिरि, पर्वत एवं ‘सागर’ सम्प्रदाय नाम विशेषण लगाया जाता है जिससे उन्हें उक्त संप्रदाय का संन्यासी माना जाता है। इस मठ का महावाक ...

खजुराहो

खजुराहो भारत के मध्य प्रदेश प्रान्त में स्थित एक प्रमुख शहर है जो अपने प्राचीन एवं मध्यकालीन मंदिरों के लिये विश्वविख्यात है। यह मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित है। खजुराहो को प्राचीन काल में खजूरपुरा और खजूर वाहिका के नाम से भी जाना जाता था ...

मदुरई

मदुरै या मदुरई, दक्षिण भारत के तमिल नाडु राज्य के मदुरई जिले का मुख्यालय नगर है। यह भारतीय प्रायद्वीप के प्राचीनतम बसे शहरों में से एक है। इस शहर को अपने प्राचीन मंदिरों के लिये जाना जाता है। इस शहर को कई अन्य नामों से बुलाते हैं, जैसे कूडल मानगर ...

वृन्दावन

वृन्दावन मथुरा क्षेत्र में एक गांव है जो भगवान श्रीकृष्ण की लीला से जुडा हुआ है। यह स्थान श्री कृष्ण भगवान के बाल लीलाओं का स्थान माना जाता है। यह मथुरा से १५ किमी कि दूरी पर है। यहाँ पर श्री कृष्ण और राधा रानी के मन्दिरों की विशाल संख्या है। यहा ...

श्रीरंगम

यह लेख तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली जिले के एक नगर के बारे में है। यहाँ के श्री रंगनाथस्वामी मंदिर के बारे में जानने के लिए उस लेख पर जाँय। श्रीरंगम तमिल: ஸ்ரீரங்கம், जिसका वास्तविक तमिल नाम तिरुवरंगम तमिल: திருவரங்கம் है, दक्षिण भारत के तिरुचिरापल् ...

नर-नारायण अवतार

नर-नारायण हिन्दू धर्म में भगवान विष्णु के दशावतार में से एक अवतार था। इस अवतार में विष्णु जी ने नर और नारायण रूप में अवतार लिये थे। इस रूप में बद्रीनाथ तीर्थ में तपस्या की थी।

यज्ञपुरुष

भगवान ब्रह्मा के वाम तथा दक्षिण से पुरुष तथा स्त्री की मानसी सृष्टि हुई जिसमें से एक प्रथम मनु स्वायम्भूव मनु तथा शतरूपा हुईं। इनके १० पुत्र तथा आकूति, देवहूति, तथा प्रसूति नामक कन्याएँ हुईं। आकूति का विवाह रुचि नामक प्रजापति से हुआ जिनसे भगवान य ...

रुद्रावतार

वेदों में शिव का नाम ‘रुद्र’ रूप में आया है। रुद्र का अर्थ होता है भयानक। रुद्र संहार के देवता हैं। विद्वानों के मत से उक्त शिव के सभी प्रमुख अवतार व्यक्ति को सुख, समृद्धि, भोग, मोक्ष प्रदान करने वाले एवं व्यक्ति की रक्षा करने वाले हैं।

अश्विनीकुमार (पौराणिक पात्र)

वैदिक साहित्य और हिन्दू धर्म में अश्विनौ यानि दो अश्विनों का उल्लेख देवता के रूप में मिलता है जिन्हें अश्विनीकुमार के नाम से जाना जाता है। वे आयुर्वेद के आदि आचार्य माने जाते हैं। ऋग्वेद १.३, १.२२, १.३४ के अलावे महाभारत में भी इनका वर्णन है। वैदि ...

रुद्र

रुद्र देवता वैदिक वाङ्मय में एक शक्तिशाली देवता माने गये हैं। ये ऋग्वेद में वर्णन की मात्रात्मक दृष्टि से गौण देवता के रूप में ही वर्णित हैं।ऋग्वेद में रुद्र की स्तुति बलवानों में सबसे अधिक बलवान कहकर की गयी है। यजुर्वेद का रुद्राध्याय रुद्र देवत ...

बृहस्पति (ज्योतिष)

बृहस्पति, जिन्हें "प्रार्थना या भक्ति का स्वामी" माना गया है, और ब्राह्मनस्पति तथा देवगुरु भी कहलाते हैं, एक हिन्दू देवता एवं वैदिक आराध्य हैं। इन्हें शील और धर्म का अवतार माना जाता है और ये देवताओं के लिये प्रार्थना और बलि या हवि के प्रमुख प्रदा ...

कार्तिकेय

कार्तिकेय या मुरुगन, एक लोकप्रिय हिन्दु देव हैं और इनके अधिकतर भक्त तमिल हिन्दू हैं। इनकी पूजा मुख्यत: भारत के दक्षिणी राज्यों और विशेषकर तमिल नाडु में की जाती है इसके अतिरिक्त विश्व में जहाँ कहीं भी तमिल निवासी/प्रवासी रहते हैं जैसे कि श्रीलंका, ...

कुबेर

कुबेर एक हिन्दू पौराणिक पात्र हैं जो धन के स्वामी व धनवानता के देवता माने जाते हैं। वे यक्षों के राजा भी हैं। वे उत्तर दिशा के दिक्पाल हैं और लोकपाल भी हैं।

कृष्ण

श्रीकृष्ण भगवान विष्णु के 8वें अवताऔर हिन्दू धर्म के ईश्वर माने जाते हैं। कन्हैया, श्याम, गोपाल, केशव, द्वारकेश या द्वारकाधीश, वासुदेव आदि नामों से भी उनको जाना जाता हैं। कृष्ण निष्काम कर्मयोगी, एक आदर्श दार्शनिक, स्थितप्रज्ञ एवं दैवी संपदाओं से ...

खंडोबा

खंडोबा,खंडेराया,मल्हारी मार्तण्ड,आदि नामो से प्रसिद्ध, महाराष्ट्और कर्नाटक प्रदेश की बहुसंख्यक जनता के कुल देवता हैं। उनकी उपासना निम्नवर्गीय समाज से लेकर ब्राह्मण तक सभी करते हैं। खंडोबा और स्कंद दोनों नामों के सादृश्य के कारण कुछ लोगों में खंडो ...

गुसांईजी

गुसाईंजी हिन्दुओं के देवता हैं। इनका एक प्रासिद्ध मंदिर नागौर जिले के जुन्जाला गाँव में स्थित है। यद्यपि गुसाईंजी हिन्दुओं के देवता हैं परन्तु मुसलमान भी इनको मानते हैं। एक समय राजा बलि इस धरती पर राज करता था। राजा बलि ने अश्वमेघ यग्य और अग्नि हो ...

देवगुरु बृहस्पति

बृहस्पति का अनेक जगह उल्लेख मिलता है। ये एक तपस्वी ऋषि थे। इन्हें तीक्ष्णशृंग भी कहा गया है। धनुष बाण और सोने का परशु इनके हथियार थे और ताम्र रंग के घोड़े इनके रथ में जोते जाते थे। बृहस्पति का अत्यंत पराक्रमी बताया जाता है। इन्द्र को पराजित कर इन ...

धन्वन्तरि

धन्वन्तरि हिन्दू धर्म में एक देवता हैं। वे महान चिकित्सक थे जिन्हें देव पद प्राप्त हुआ। हिन्दू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ये भगवान विष्णु के अवतार समझे जाते हैं। इनका पृथ्वी लोक में अवतरण समुद्र मंथन के समय हुआ था। शरद पूर्णिमा को चंद्रमा, कार्त ...

नारद मुनि

नारद मुनि, हिन्दु शास्त्रों के अनुसार, ब्रह्मा के छः पुत्रों में से छठे है। उन्होने कठिन तपस्या से ब्रह्मर्षि पद प्राप्त किया । वे भगवान विष्णु के अनन्य भक्तों में से एक माने जाते है। देवर्षि नारद धर्म के प्रचार तथा लोक-कल्याण हेतु सदैव प्रयत्नशी ...

नील माधव

नीलमाधव, भगवान कृष्ण और विष्णु की उस मूर्ति का नाम है जो जगन्नाथ के रूप में पुरी में स्थापित एवं पूजित है। पहले इस मूर्ति को नीलमाधव के रूप में जाना जाता था। यह मूर्ति बिश्वबसु नामक एक वनवासी राजा के पास थी। नीलमाधव पहाड़ी पर विराजमान थे और उनकी ...

बाबा मोहन राम

बाबामोहनराम की तपोभूमि भिवाड़ी में बाबा मोहनराम का मुख्य मेला साल में दो बार होली और रक्षाबंधन की दौज को भरता है। इसके अलावा हर माह की दौज पर मेला भरता है। जिसमें बाबा की ज्योत के दर्शन करने के लिए यूपी, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान से श्रद्धालु आ ...

विट्ठल

विट्ठल, विठोबा, या पाण्डुरंग एक हिन्दू देवता हैं जिनकी पूजा मुख्यतः महाराष्ट्र, कर्नाटक, गोवा, तेलंगाना, तथा आन्ध्र प्रदेश में होती हैं। उन्हें आम तौपर भगवान विष्णु या उनके अवतार, कृष्ण की अभिव्यक्ति माना जाता हैं। विट्ठल अक्सर एक सावले युवा लड़क ...

विश्वकर्मा

ऋग्वेद मे विश्वकर्मा सुक्त के नाम से 11 ऋचाऐ लिखी हुई है। जिनके प्रत्येक मन्त्पर लिखा है ऋषि विश्वकर्मा भौवन देवता आदि। यही सुक्त यजुर्वेद अध्याय 17, सुक्त मन्त्र 16 से 31 तक 16 मन्त्रो मे आया है ऋग्वेद मे विश्वकर्मा शब्द का एक बार इन्द्र व सुर्य ...

विश्वेदेव

विश्वेदेव से तात्पर्य सभी देवताओं से है। ऋग्वेद में अनेकों मंत्रों में विश्वदेवाः की स्तुति की गई है जैसे 1.89, 3.54-56, 4.55, 5.41-51, 6.49-52, 7.34-37, 39, 40, 42, 43, 8.27-30, 58, 83 10.31, 35, 36, 56, 57, 61-66, 92, 93, 100, 101, 109, 114, 12 ...

वेंकटेश्वर

वेंकटेश्वर भगवान विष्णु के अवतार माने जाते हैं। उन्हें गोविंदा, श्रीनिवास, बालाजी, वेंकट आदि नामों से भी जाना जाता है। ऐसा माना जाता है कि विष्णु ने कुछ समय के लिए स्वामी पुष्करणी नामक तालाब के किनारे निवास किया था। यह तालाब तिरुमला के पास स्थित ...

शुक्र (ज्योतिष)

शुक्र, जिसका संस्कृत भाषा में एक अर्थ है शुद्ध, स्वच्छ, भृगु ऋषि के पुत्र एवं दैत्य-गुरु शुक्राचार्य का प्रतीक शुक्र ग्रह है। भारतीय ज्योतिष में इसकी नवग्रह में भी गिनती होती है। यह सप्तवारों में शुक्रवार का स्वामी होता है। यह श्वेत वर्णी, मध्यवय ...

हनुमान

हनुमान परमेश्वर की भक्ति की सबसे लोकप्रिय अवधारणाओं और भारतीय महाकाव्य रामायण में सबसे महत्वपूर्ण व्यक्तियों में प्रधान हैं। वह कुछ विचारों के अनुसार भगवान शिवजी के ११वें रुद्रावतार, सबसे बलवान और बुद्धिमान माने जाते हैं। रामायण के अनुसार वे जानक ...

शब्दकोश

अनुवाद
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