ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 253

शिवानी कटारिया

शिवानी कटारिया एक भारतीय हरियाणा राज्य की महिला फ्रीस्टाईल तैराक है। जो कि 2016 ग्रीष्मकालीन ओलम्पिक खेलों में हिस्सा लेने वाली सबसे छोटी तथा पहली महिला तैराक है। ये ओलम्पिक खेल ब्राजील के रियो डि जेनेरियो में आयोजित किया गया।

आमिर ख़ान (मुक्केबाज़)

आमिर इक़बाल ख़ान पाकिस्तानी मूल के ब्रितानवी पेशेवर मुक्केबाज़ हैं। वह दो बार विश्व चैंपियन और मौजूदा डब्ल्यू०बी०ए सुपर वेलटर वेट चैंपियन हैं।

मुहम्मद अली

मुहम्मद अली पूर्व अमेरिकी पेशेवर मुक्केबाज थे, जिन्हें खेल इतिहास में दुनिया का सबसे बड़ा हेवीवेट मुक्केबाज कहा जाता है। अली 3 बार हेवीवेट चैम्पियन रहे हैं। उन्हें बीबीसी से स्पोर्ट्स पर्सनैलिटी ऑफ द सेंचुरी तथा स्पोर्ट्स इलस्ट्रेटेड द्वारा स्पोर ...

माइक टायसन

माइकल जेरार्ड "आयरन माइक" टायसन एक सेवानिवृत्त अमेरिकी बॉक्सर हैं। वे अविवादित हेवीवेट चैंपियन थे और आज भी सबसे कम उम्र के WBC, WBA और IBF विश्व हेवीवेट ख़िताब विजेता बने हुए हैं। उन्होंने WBC ख़िताब सिर्फ 20 साल 4 महीने और 22 दिन की उम्र में जीत ...

ऐनैटोली कार्पोव

अनातोली करपोव एक रूसी ग्रांडमास्टर और पूर्व विश्व शतरंज चैंपियन है।१९७५ से १९८५ तक करपोव निर्विवाद विश्व शतरंज चैंपियन रहे और १९९३ से १९९९ तक एफआईडीई विश्व शतरंज चैंपियन रहे।

गैरी कास्परोव

कास्पारोव का जन्म बाकू, आज़रबाइजान, सोवियत संघ में १३ अप्रैल १९६३ को हुआ था। वह ६ वर्ष की उम्र में शतरंज खेलने लगा। १३ वर्ष की उम्र होने से पहले वे सोवियत युव चैंपियन बन गए और अपना पहला अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट १६ वर्ष की उम्र में जीत गए। १९८० मे ...

मैग्नस कार्लसन

मैग्नस कार्लसन नॉर्वे के शतरंज खिलाडी हैं व शतरंज के तात्कालिक ग्रांडमास्टर वा विश्व चैम्पियन वा विश्व के प्रथम स्थान के खिलाड़ी हैं। इनकी उच्चतम रेटिंग २८७२, आजतक की सर्वोच्च हैं।

व्लादिमीर क्रैमनिक

व्लादिमीर क्रैमनिएक रूसी ग्रैंडमास्टर है।वे २००० से २००६ तक शास्त्रीय विश्व शतरंज चैंपियन रहे और २००६ से २००७ तक निर्विवाद विश्व शतरंज चैंपियन रहे।

हम्पी कोनेरु

हम्पी कोनेरु एक भारतीय, शतरंज की ग्रैंडमास्टर खिलाडी है। इनका जनवरी २०१० में फाईड स्तर 2614 था, जिससे वह संसार की दुसरे स्थान की महिला शतरंज खिलाडी बन गई। 2007 में इन्होने सुशान पोल्गर द्वारा स्थापित 2577 के स्तर को पार किया और विश्व में दुसरे स् ...

संगमग्राम के माधव

संगमग्राम के माधव एक प्रसिद्ध केरल गणितज्ञ-खगोलज्ञ थे, ये भारत के केरल राज्य के कोचीन जिले के निकट स्थित एक कस्बे इरन्नलक्कुता से थे। इन्हें केरलीय गणित सम्प्रदाय का संस्थापक माना जाता है। वे पहले व्यक्ति थे, जिन्होंने अनेक अनंत श्रेणियों वाले नि ...

क्लॉड शैनन

क्लॉड एलवुड शैनन एक अमेरिकी गणितज्ञ, इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर और बीज-लेखक थे, जिन्हें "सूचना सिद्धांत के पिता" के रूप में जाना जाता है। शैनन 1948 में सूचना सिद्धांत की स्थापना के विषय में प्रकाशित अपने ऐतिहासिक पत्र के लिए प्रसिद्ध हैं, परन्तु इन्हे ...

जॉन वाॅन न्यूमन

जॉन वाॅन नॉय्मेन एक महान हंगेरियाई गणितज्ञ थे। जान वान न्यूमैन एक महान साइंटिस्ट थे आधुनिक कंप्यूटर के विकास में इनका सर्वाधिक योगदान है

अमीय चरण बैनर्जी

अमीय चरण जी पिता श्री ज्ञान चन्द्र बैनर्जी प्रेसीडेंसी कॉलेज के एक मेधावी छात्र थे, तथा कानून की पढ़ाई के वक्त स्वामी विवेकानंद के सहपाठी थे। २४ परगना जिले के महेशतला के ज़मींदार परिवार से थे।

अच्युत पिषारटि

अच्युत पिषारटि भारत के खगोलशास्त्री, ज्योतिषी, गणितज्ञ तथा संस्कृत के वैयाकरण थे। वे ज्येष्ठदेव के शिष्य एवं केरलीय गणित सम्प्रदाय के प्रमुख गणितज्ञ थे। वे अपने शिष्य मेल्पत्तूर नारायण भट्टतिरि को नारायणीयम की रचना करते समय दिगए योगदान के लिए विश ...

आनन्द कुमार

आनन्द कुमार एक भारतीय गणितज्ञ, शिक्षाविद तथा बहुत सी राष्ट्रीय तथा अन्तरराष्ट्रीय गणित की पत्रिकाओं के स्तम्भकार हैं। उन्हें प्रसिद्धि सुपर 30 कार्यक्रम के कारण मिली, जो कि उन्होंने पटना, बिहार से 2002 में प्रारम्भ किया था, जिसके अन्तर्गत आर्थिक ...

आर्यभट

आर्यभट प्राचीन भारत के एक महान ज्योतिषविद् और गणितज्ञ थे। इन्होंने आर्यभटीय ग्रंथ की रचना की जिसमें ज्योतिषशास्त्र के अनेक सिद्धांतों का प्रतिपादन है। इसी ग्रंथ में इन्होंने अपना जन्मस्थान कुसुमपुऔर जन्मकाल शक संवत् 398 लिखा है। बिहार में वर्तमान ...

आर्यभट्ट द्वितीय

इन्होंने भी अपना समय कहीं नहीं लिखा है। डाक्टर सिंह और दत्त का मत है कि ये 950 ई. के लगभग थे, जो शककाल 872 होता है। दीक्षित लगभग 875 शक कहते हैं। आर्यभट्ट द्वितीय ब्रह्मगुप्त के पीछे हुए है, क्योंकि ब्रह्मगुप्त ने आर्यभट्ट की जिन बातों का खंडन कि ...

कमलाकर

कमलाकर भारतीय गणितज्ञ एवं खगोलविद थे। उनके तीन भाइयों में से अन्य दो भी गणितज्ञ व खगोलविद थे। इनमें से दिवाकर सबसे बड़े थे और उनका जन्म १६०६ में हुआ था। उनके सबसे छोटे भाई रंगनाथ भी गणितज्ञ और खगोलशास्त्री थे। कमलाकर का जन्म गोदावरी के उत्तरी किन ...

कृष्णदैवज्ञ

कृष्ण दैवज्ञ भारतीय गणितज्य थे। वे जहाँगीर के प्रधान सभापण्डित थे। इनकी माता का नाम गोजि तथा पिता का नाम श्री वल्लभ था। उन्होने भास्कराचार्य के बीजगणित की नवांकुर नाम से टीका लिखी है।

गणेश दैवज्ञ

गणेश दैवज्ञ एक खगोलविद थे। उनके द्वारा रचित ग्रहलाघव प्रसिद्ध ग्रन्थ है। इसके अलावा बुद्धिविलासिनी टीका भी प्रसिद्ध है। ताजकभूषणकार गणेश और जातकालंकार के कर्ता गणेश, ये दोनों ग्रहलाघवकार गणेश से भिन्न हैं। गणेश के पिता व गुरु केशव माता लक्ष्मी के ...

गणेश प्रसाद

गणेशप्रसाद भारतीय गणितज्ञ तथा बनारस मैथेमैटिकल सोसायटी के संस्थापक थे। वे हिन्दी के महान प्रेमी थे। इनका जन्म 15 नवम्बर 1876 ई. का बलिया उत्तर प्रदेश में हुआ। इनकी आरंभिक शिक्षा बलिया और उच्च शिक्षा म्योर सेंट्रल कालेज, इलाहाबाद में हुई। 1898 ई. ...

गोपाल प्रसाद

गोपाल प्रसाद एक भारतीय-अमेरिकी गणितज्ञ हैं। वे मिशिगन विश्वविद्यालय में गणित के राउल बोट प्रोफेसर हैं। उनके अनुसंधान के कुछ विषय ये हैं- लाई ग्रुप, लाई ग्रुप के डिस्क्रीट उपसमूह, बीजीय समूह, अरिथमेटिक समूह, इत्यादि।

गोरख प्रसाद

गोरखप्रसाद गणितज्ञ, हिंदी विश्वकोश के संपादक तथा हिंदी में वैज्ञानिक साहित्य के लब्धप्रतिष्ठ और बहुप्रतिभ लेखक थे। उन्होने प्रयाग विश्वविद्यालय में १९२५ से १९५७ तक गणित का अध्यापन किया।

गोविन्दस्वामी (गणितज्ञ)

गोविन्दस्वामी भारत के गणितज्ञ एवं खगोलशास्त्री थे। उन्होने भास्कर प्रथम के ग्रन्थ महाभास्करीय पर एक भाष्य की रचना की । इस भाष्य में स्थानीय मान के प्रयोग के लिये कई उदाहरण दिये हैं और ज्या सारणी के निर्माण की विधि दी हुई है। उनकी एक कृति गोविन्दक ...

चन्द्रकान्त राजू

चन्द्रकान्त राजू भारत के कम्प्यूटर विज्ञानी, गणितज्ञ, भौतिकशास्त्री, शिक्षाशास्त्री, दार्शनिक एवं बहुज्ञ अनुसंधानकर्ता हैं। सम्प्रति वे नयी दिल्ली के सभ्यता अध्ययन केन्द्र से जुड़े हुए हैं। भारत के प्रथम सुपरकम्प्यूटर परम में उनका उल्लेखनीय एवं प ...

जगन्नाथ सम्राट

ॱ पंडित जगन्नाथ सम्राट 1652–1744 भारत के जाने-माने खगोलविद एवं गणितज्ञ थे। वे आमेर के महाराजा द्वितीय जयसिंह के दरबार में सम्मानित वैज्ञानिक थे। यह संस्कृत, पालि, प्राकृत, गणित, खगोलशास्त्र, रेखागणित, वैदिक अंकगणित आदि के तो धुरंधर विद्वान थे ही, ...

जयदेव (गणितज्ञ)

जयदेव ९ वीं शताब्दी के भारतीय गणितज्ञ थे। उन्होने चक्रवाल विधि को और अधिक उन्नत बनाया। चक्रवाल विधि के बारे में हर्मन हंकेल का कथन है कि यह विधि संख्या सिद्धान्त के क्षेत्र में अट्ठारहवीं शती में लाग्रेंज के पहले खोजी गयी सबसे सुन्दर चीज है। जयदे ...

ज्ञानराज

ज्ञानराज एक भारतीय गणितज्ञ थे।उन्होने सन् १५०३ ई० में ‘सिद्धान्तसुन्दर नामक ज्योतिष ग्रन्थ की रचना की है जो ग्रहगति से सम्बन्धित है। सिद्धान्तसुन्दर के मुख्य तीन भाग है- ३ बीजगणिताध्याय २ ग्रहगणिताध्याय १ गोलाध्याय

टी ए सरस्वती अम्मा

टी ए सरस्वती अम्मा भारत के केरल राज्य में जन्मी गणितज्ञ थीं। उन्होने भारत के प्राचीन एवं मध्यकालीन ज्यामिति पर विशेष कार्य किया। टेक्कथाअमायन्कोथकलाम सरस्वती अम्मा ने मद्रास विश्वविद्यालय में वीराघवन के साथ काम किया और फिर रांची और धनबाद में शिक् ...

ठक्कर फेरू

ठक्कर फेरू एक भारतीय गणितज्ञ थे। उन्होने गणित, मुद्रा, और रत्न पर ग्रन्थों की रचना की है। वह १२९१ और १३२३ के मध्य सक्रिय थे। अलाउद्दीन खलजी ने सिक्कों, धातुओं और रत्नों के विशेषज्ञ के रूप में उनको भर्ती किया था। वे हरियाणा के कन्नाण आधुनिक, कल्पन ...

दत्तात्रय रामचन्द्र कर्पेकर

दत्तात्रय रामचंद्र कर्पेकर एक भारतीय गणितज्ञ थे। उन्होने संख्या सिद्धान्त के क्षेत्र में अनेक योगदान किया, जिनमें से कर्पेकर संख्या तथा कर्पेकर स्थिरांक प्रमुख हैं। यद्यपि उन्होने औपचारिक रूप से परास्नातक प्रशिक्षण नहीं पाया था और एक विद्यालय में ...

नन्दिग्राम

नन्दिग्राम महाराष्ट्र में स्थित कोई स्थान है जहाँ १३वीं शताब्दी से लेकर १८वीं शताब्दी तक अनेक खगोलविद और गणितज्ञ फले-फूले। अमेरिका के प्राचीन गणित-इतिहासकार डेविड पिंग्री, ने गुजरात के नन्दोड को नन्दिग्राम माना है। किन्तु आधुनिक विद्वान महाराष्ट् ...

नारायण पण्डित (गणितज्ञ)

नारायण पण्डित भारत के एक प्रमुख गणितज्ञ थे। उन्होंने १३५६ में गणितीय संक्रियाओं के बारे में गणित कौमुदी नामक पुस्तक लिखी। इसके फलस्वरुप क्रमचय-संचय में कई विकास हुये। कुछ लोग नारायन पण्डित को केरलीय गणित सम्प्रदाय से सम्बद्ध मानते हैं किन्तु प्रस ...

परमेश्वर (गणितज्ञ)

वतसेरी परमेश्वर नम्बुदिरि भारत के केरलीय गणित सम्प्रदाय से सम्बन्धित एक महान गणितज्ञ एवं खगोलशास्त्री थे।

पावुलूरी मल्लन

पावुलूरी मल्लन भारत के ग्यारहवीं शताब्दी के एक गणितज्ञ थे। महावीराचार्य द्वारा संस्कृत में रचित गणितसारसंग्रह का उन्होने सार संग्रह गणितमु नाम से तेलुगु कविता में अनुवाद किया। पावुलूरी मल्लन राजराजा नरेन्द्र 1022–1063 AD के समकालीन थे। उन्होने भद ...

पिङ्गल

पिंगल राव कुल में जन्मे भारत के प्राचीन गणितज्ञ और छन्दःसूत्रम् के रचयिता। इनका काल ४०० ईपू से २०० ईपू अनुमानित है। जनश्रुति के अनुसार यह पाणिनि के अनुज थे। छन्द:सूत्र में मेरु प्रस्तार, द्विआधारी संख्या और द्विपद प्रमेय मिलते हैं।

पृथूदक स्वामी

पृथूदकस्वामी चतुर्वेद भारत के ज्योतिषविद् और गणितज्ञ थे। ८६० ई के आसपास उन्होने ब्रह्मस्फुटसिद्धान्त पर भाष्य ग्रन्थ की रचना की। काये Kaye के अनुसार उन्होने टॉलेमी के प्रमेय को सिद्ध किया है।

बापूदेव शास्त्री

महामहोपाध्याय पंडित बापूदेव शास्त्री काशी संस्कृत कालेज के ज्योतिष के मुख्य अध्यापक थे। वे प्रथम ब्राह्मण थे जो भारतीय एवं पाश्चात्य खगोलिकी दोनो के प्रोफेसर बने। ये प्रयाग तथा कलकत्ता विश्वविद्यालयों के परिषद तथा आयरलैंड और ग्रेट ब्रिटेन की रॉयल ...

बौधायन

बौधायन भारत के प्राचीन गणितज्ञ और शुल्ब सूत्र तथा श्रौतसूत्र के रचयिता थे। ज्यामिति के विषय में प्रमाणिक मानते हुए सारे विश्व में यूक्लिड की ही ज्यामिति पढ़ाई जाती है। मगर यह स्मरण रखना चाहिए कि महान यूनानी ज्यामितिशास्त्री यूक्लिड से पूर्व ही भा ...

ब्रह्मगुप्त

ब्रह्मगुप्त प्रसिद्ध भारतीय गणितज्ञ थे। वे तत्कालीन गुर्जर प्रदेश के अन्तर्गत आने वाले प्रख्यात शहर उज्जैन की अन्तरिक्ष प्रयोगशाला के प्रमुख थे और इस दौरान उन्होने दो विशेष ग्रन्थ लिखे: ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त और खण्डखाद्यक या खण्डखाद्यपद्धति । ये ...

ब्रह्मदेव

ब्रह्मदेव प्राचीन भारत के प्रसिद्ध ज्योतिषविद् और गणितज्ञ थे। इनका जीवनकाल लगभग १०६० ई से ११३० ई के बीच है। इन्होने आर्यभट प्रथम की कृतियों का भाष्य लिखा है। ब्रह्मदेव ने आर्यभटीय का भाष्य लिखा है जिसका नाम करणप्रकाश है। इस ग्रन्थ में त्रिकोणमिति ...

शब्दकोश

अनुवाद
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