ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 164

दण्डसंहिता

दण्डसंहिता उस दस्तावेज को कहते हैं जिसमें किसी प्राधिकारी के सभी या अधिकांश दण्ड विधान संकलित होते हैं। उदाहरण के लिए भारतीय दण्ड संहिता में भारत में किए गये विभिन्न आपराधिक कृत्यों के लिए भिन्न-भिन्न प्रकार के दण्ड का वर्णन है। किसी दण्डसंहिता म ...

धार्मिक विधि

विश्वास के अनुसार धार्मिक विधि द्धारा संपन्न मंत्र-पूजा-हवन इत्यादि करने से हवन में उपयोग होने वाली सामग्री के कारण, वहाँ के वातावरण में शुभ ऊर्जा पैदा होती है। जिसके कारण कुछ समय के लिये सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है।

निःशक्तता अधिकार आन्दोलन

निःशक्तता अधिकार आन्दोलन निःशक्त लोगों के लिये समान अवसर तथा समान अधिकार प्राप्त करने का आन्दोलन है। इनके अन्तर्गत आने वाले प्रमुख अधिकार ये हैं- दुर्व्यवहार, उपेक्षा आदि से स्वतन्त्रता भवनों एवं कार्यालयों की डिजाइन निःशक्तजनों को ध्यान में रखते ...

निःशुल्क कानून आन्दोलन

कानून तक निःशुल्क पहुँच) नामक आन्दोलन कानून सम्बन्धी जानकारियों को आनलाइन निःशुल्क प्रदान करने का एक विश्वव्यापी आन्दोलन है। इसके अन्तर्गत विश्व के बहुत से देशों की संस्थाओं ने अलग परियोजनाएँ चला रखी हैं जिनमें केस ला, कानून, संधियाँ, कानूनी सुधा ...

निरसन

विनियोग अधिनियम निरसन विधेयक, 2015, के साथ करीब 700 विनियोग अधिनियम से अधिक ने अपनी प्रासंगिकता खो दी है और निरस्त होने के स्तर पर हैं। यह रेलवे विनियोग कृत्यों सहित 758 विनियोग कानूनों, और 1950 और 1976 के बीच संसद द्वारा अधिनियमित 111 राज्य विनि ...

निर्णीतानुसरण

निर्णीतानुसरण का सिद्धान्त यह है कि न्यायालयों द्वारा दिये गये पूर्वनिर्णय प्राधिकारपूर्ण तथा बन्धनकारी होते हैं तथा इनका अनुसरण किया जाना अनिवार्य है। जब अनेक निर्णयों द्वारा किसी वैधानिक प्रश्न को स्पष्टतया सुनिश्चित कर दिया जाता है, तो उसका अन ...

न्याय

यह तय करना मानव-जाति के लिए हमेशा से एक समस्या रहा है कि न्याय का ठीक-ठीक अर्थ क्या होना चाहिए और लगभग सदैव उसकी व्याख्या समय के संदर्भ में की गई है। मोटे तौपर उसका अर्थ यह रहा है कि अच्छा क्या है इसी के अनुसार इससे संबंधित मान्यता में फेर-बदल हो ...

न्याय में देरी, अन्याय है

न्याय में देरी, अन्याय है न्याय के क्षेत्र में प्रयोग किया जाने वाली लोकप्रिय सूक्ति है। इसका भावार्थ यह है कि यदि किसी को न्याय मिल जाता है किन्तु इसमें बहुत अधिक देरी हो गयी हो तो ऐसे न्याय की कोई सार्थकता नहीं होती। यह सिद्धान्त ही द्रुत गति स ...

न्यायनिर्णयन

न्यायनिर्णयन उस विधिक प्रक्रिया को कहते हैं जिसके माध्यम से मामले से सम्बन्धित निर्णय पर पहुँचने के लिये कोई न्यायधीश या मध्यस्थ साक्ष्यों एवं तर्कों की समीक्षा करता है। न्यायनिर्णयन के द्वारा तीन प्रकार के विवाद सुलझाये जाते हैं- १ व्यक्तियों या ...

न्यायालय

सेवा में, महिला आयोग लखनऊ विषय:- महिला उत्पीड़ित सवनिये निवेदन है कि अर्शी पुत्री रसीद पता:- नई बस्ती, गल्ला मंडी के पीछे नानपारा निवासी है, जिसे रात 13/02/2020 में बहोत बूरी तरीके से मारा गया है,उसकी उम्र 18+है,क्योंकी लड़की किसी हिन्दू लड़के से ...

न्यायालय की अवमानना

किसी न्यायालय या न्यायधीश द्वारा दिये गये निर्णय की अवहेलना करना या निरादर करना न्यायालय की अवमानना कहलाता है। यह एक अपराध है। यह दो तरह का होता है- २ किसी न्यायालय के आदेश का जानबूझकर पालन न करना। १ किसी न्यायधीश का निरादर करना, न्यायालय में उपद ...

न्यायालयिक अर्थशास्त्र

फोरेंसिक अर्थशास्त्र के राष्ट्रीय संघ द्वारा न्यायालयिक अर्थशास्त्र या फोरेंसिक अर्थशास्त्र की निम्नलिखित परिभाषा दी गयी है- न्यायालयिक अर्थशास्त्र वह वैज्ञानिक विषय है जो अर्थशास्त्र के सिद्धान्तों एवं विधियों को न्यायिक मामलों में उपयोग करता है ...

न्यायिक पुनरावलोकन

न्यायिक पुनरावलोकन अथवा न्यायिक पुनर्विलोकन अथवा न्यायिक पुनरीक्षा उस प्रक्रिया को कहते हैं जिसके अन्तर्गत कार्यकारिणी के कार्यों की न्यायपालिका द्वारा पुनरीक्षा का प्रावधान हो। दूसरे शब्दों में न्यायिक पुनरावलोकन से तात्पर्य न्यायालय की उस शक्ति ...

न्यायिक सक्रियावाद

न्यायिक सक्रियावाद से आशय ऐसे न्यायकरण से है जिनके वर्तमान विधि के आधापर होने के बजाय व्यक्तिगत या राजनीतिक आधापर होने की आशंका हो। इस शब्द का उपयोग कभी कभी न्यायिक संयम के विलोम अर्थ में भी किया जाता है। न्यायिक सक्रियावाद की परिभाषा तथा किन निर ...

पंजीकरण

पंजीकरण किसी चीज को आधिकारिक रूप से रिकार्ड करने की विधि है। प्राय: किसी चीज का पंजीकरण करने के पीछे अधिक अधिकार प्राप्त करने, या मालिकाना हक की रक्षा के लिए किया जाता है क्योंकि नियम के अनुसार कोई चीज यदि वैधानिक रूप से प्रयोग की जानी है तो उसका ...

पद की शपथ

किसी व्यकि द्वारा किसी पद पर कार्य आरम्भ करने से पूर्व लिया जाने वाला शपथ पद की शपद कहलाता है। इस तरह की शपथ प्रायः सरकारी पद या धर्मिक पद ग्रहण करने से पूर्व ली जाती है किन्तु कभी-कभी अन्य संगठनों के पदाधिकारियों द्वारा भी ली जाती है।

परक्राम्य लिखत

परक्राम्य लिखत उन लिखतों को कहते हैं जो मांगे जाने पर या एक निश्चित अवधि के पश्चात एक निश्चित राशि देने का वचन देते हैं। उदाहरण- प्रॉमिसरी नोट, बिल ऑफ इक्सचेंज, बैंक नोट, डिमाण्ड ड्राफ्ट और चेक आदि। मूल रूप से" परक्राम्य लिखत”ऐसे वचन पत्र या मुद् ...

परक्राम्य लिखत अधिनियम १८८१

परक्राम्य लिखत अधिनियम १८८१ या विनिमय साध्य विलेख नियम १८८१ भारत का एक कानून है जो पराक्रम्य लिखत से सम्बन्धित है। पूरे भारत में कार्य करने वाले वित्तीय संस्थान, उद्योग संगठन और यहां तक कि सामान्य जन भी अपने लेन-देन अधिकतर चेक के माध्यम से करते ह ...

परिसमापन

कंपनियों का परिसमापन एक ऐसी कार्यवाही है जिससे कंपनी का वैधानिक अस्तित्व समाप्त हो जाता है। इसमें कंपनी की संपत्तियों को बेचकर प्राप्त धन से ऋणों का भुगतान किया जाता है तथा शेष धन का अंशधारियों के बीच वितरण कर दिया जाता है। कंपनी का समापन तीन प्र ...

पाकिस्तान में एलजीबीटी अधिकार

पाकिस्तान में कोई एलजीबीटी अधिकार के लिए कुछ कर रहे हैं। 6 के बाद से अक्टूबर 1860, यह समलैंगिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए अवैध रूप से किया गया है। भारत के पड़ोसी देश में विपरीत, इस कानून को निरस्त कर दिया अभी तक नहीं किया गया है । समलैंगिकता ...

पूर्वनिर्णय

विधि के सन्दर्भ में पूर्व-निर्णय या नजीर से आशय है -‘‘भूतकालीन निर्णयों को मार्गदर्शक के रूप में अपनाते हुए भावी निर्णय के प्रति लागू करना।’’ विधि के स्रोत के रूप में न्यायिक पूर्व-निर्णय का पर्याप्त महत्व है। बेबीलोनिया में 2000 ई0 पू0 भी न्यायल ...

पेटेण्ट

पेटेण्ट या एकस्व किसी देश द्वारा किसी अन्वेषणकर्ता को या उसके द्वारा नामित व्यक्ति को उसके अनुसन्धान को सार्वजनिक करने के बदले दिए जाने वाले अनन्य अधिकारों के समूह को कहते है। यह एक निश्चित अवधि के लिये दिया जाता है। पेटेण्ट प्रदान करने की प्रक्र ...

पेरोल

किसी बन्दी व्यक्ति को उसकी सजा की अवधि पूरी होने के पहले ही अस्थाई रूप से रिहा करने को पेरोल कहते हैं। पेरोल कुछ शर्तों के अधीन दिया जाता है।

प्रतिलिप्यधिकार अधिनियम

कापीराइट का अर्थ है किसी कृति के संबंध में किसी एक व्यक्ति, व्यक्तियों या संस्था का निश्चित अवधि के लिये अधिकार। मुद्रणकला का प्रचार होने के पूर्व किसी रचना या कलाकृति से किसी के आर्थिक लाभ उठाने का कोई प्रश्न नहीं था। इसलिये कापीराइट की बात उसके ...

प्रत्यक्ष परीक्षण

प्रत्यक्ष परीक्षण जो है जब किसी एक गवाह से सीदे पूछताछ की जाती है जो उसे अदालत मे भुलाया जाता है आज़माइश की लिए। प्रत्यक्ष परीक्षण आमतौपर सबूत प्रकाश में लाना करने के लिए किया जाता है। तथ्यों जो एक पार्टी का दावा या रक्षा का एक आवश्यक तत्व को पूर ...

प्रत्यक्षवाद (विधिक)

विधिक प्रत्यक्षवाद विधि एवं विधिशास्त्र के दर्शन से सम्बन्धित एक विचारधारा है। इसका विकास अधिकांशतः अट्ठारहवीं एवं उन्नीसवीं शताब्दी के विधि-चिन्तकों द्वारा हुआ जिनमें जेरेमी बेंथम तथा जॉन ऑस्टिन का नाम प्रमुख है। किन्तु विधिक प्रत्यक्षवाद के इति ...

प्रत्यायोजित विधान

प्रत्यायोजित विधाउन कानूनों को कहते हैं जो कार्यपालिका द्वारा बनाये जाते हैं। इन्हें द्वितीयक विधान भी कहते हैं। इसके विपरीत, विधायिका द्वारा बनाये विधानों को प्राथमिक विधान कहते हैं। प्राथमिक विधान एक विस्तृत रूपरेखा या सिद्धान्त पेश करते हैं और ...

प्रसंविदा

अपने सर्व सामान्य तथा ऐतिहासिक अर्थ में, प्रसंविदा का अर्थ किसी निर्धारित कार्य को करने या न करने की प्रतिज्ञा से है। अंग्रेजी कॉमन ला में, सामान्य संविदा से यह इस मामले में अलग था कि इस पर मुहर लगी होती थी।

प्राकृतिक विधि

प्राकृतिक विधि विधि की वह प्रणाली है जो प्रकृति द्वारा निर्धारित होती है। प्रकृति द्वारा निर्धारित होने के कारण यह सार्वभौमिक है। परम्परागत रूप से प्राकृतिक कानून का अर्थ मानव की प्रकृति के विश्लेषण के किए तर्क का सहारा लेते हुए इससे नैतिक व्यवहा ...

प्रासंगिक उक्ति

प्रासंगिक उक्ति एक लैटिन शब्द "गुजर में कहा है कि" एक फैसले में एक टिप्पणी है। यह अंग्रेजी आम कानून से ली गई एक अवधारणा है। प्रासंगिक दिकता केवल प्रेरक हैं, जबकि न्यायिक मिसाल के प्रयोजनों के लिए, अनुपात दिसन्दी, बाध्यकारी है।

फ्रांस की सिविल संहिता

फ्रांस की सिविल संहिता नैपोलियन प्रथम द्वारा १८०४ में फ्रांस में लागू की गयी। इसे नैपोलियन कोड भी कहते हैं। इस संहिता द्वारा जन्म के आधापर दिये गये विशेषाधिकार बन्द कर दिये गये, इसके तहत धर्म की स्वतंत्रता प्रदान की गयी, तथा इसमें कहा गया कि सरका ...

बौद्धिक सम्पदा

बौद्धिक सम्पदा किसी व्यक्ति या संस्था द्वारा सृजित कोई संगीत, साहित्यिक कृति, कला, खोज, प्रतीक, नाम, चित्र, डिजाइन, कापीराइट, ट्रेडमार्क, पेटेन्ट आदि को कहते हैं। जिस प्रकार कोई किसी भौतिक धन का स्वामी होता है, उसी प्रकार कोई बौद्धिक सम्पदा का भी ...

भरणपोषण

विधि द्वारा कतिपय व्यक्ति बाध्य हैं कि वे कुछ व्यक्तियों का, जो उनसे विशेष संबंध रखते हैं, भरणपोषण करें। यही भरणपोषण या गुजारा पाने का अधिकार है। भरणपोषण में अन्न, वस्त्र एवं निवास ही नहीं वरन्‌ आधारित व्यक्ति के स्तर की सुख और सुविधा की वस्तुएँ ...

भारत का संविधान

भारत का संविधान,भारत का सर्वोच्च विधान है जो संविधान सभा द्वारा 26 नवम्बर 1949 को पारित हुआ तथा 26 जनवरी 1950 से प्रभावी हुआ। यह दिन 26 नवम्बर भारत के संविधान दिवस के रूप में घोषित किया गया है जबकि 26 जनवरी का दिन भारत में गणतन्त्र दिवस के रूप मे ...

भारत की न्यायपालिका

भारतीय न्यायपालिका आम कानून पर आधारित प्रणाली है। यह प्रणाली अंग्रेजों ने औपनिवेशिक शासन के समय बनाई थी। इस प्रणाली को आम कानून व्यवस्था के नाम से जाना जाता है जिसमें न्यायाधीश अपने फैसलों, आदेशों और निर्णयों से कानून का विकास करते हैं। भारत में ...

मंडल आयोग

भारत में मंडल आयोग सन १९७९ में तत्कालीन जनता पार्टी की सरकार द्वारा स्तापित किया गया था। इस आयोग का कार्य क्षेत्र सामाजिक एवं आर्थिक रूप से पिछड़ों की पहचान कराना था। श्री बिन्देश्वरी प्रसाद मंडल इसके अध्यक्ष थे।मंडल कमीशन रिपोर्ट ने विभिन्न धर्म ...

मताधिकार

राज्य के नागरिकों को देश के संविधान द्वारा प्रदत्त सरकार चलाने के हेतु, अपने प्रतिनिधि निर्वाचित करने के अधिकार को मताधिकार कहते हैं। जनतांत्रिक प्रणाली में इसका बहुत महत्व होता है। जनतंत्र की नीवं मताधिकापर ही रखी जाती है। इस प्रणाली पर आधारित स ...

महाधिवक्ता

महाधिवक्ता भारतीय संविधान के अनुच्छेद 165 के अनुसार राज्यपाल द्वारा महाधिवक्ता की नियुक्ति की जाती है। राज्य का सर्वोच्च विधि अधिकारी महाधिवक्ता होता है। महाधिवक्ता राज्यपाल के प्रसाद्पर्यंत कार्य करता है। राज्यपाल उसे कभी भी उसके पद से हटा सकता ...

महाभियोग

जब किसी बड़े अधिकारी या प्रशासक पर विधानमंडल के समक्ष अपराध का दोषारोपण होता है तो इसे महाभियोग कहा जाता है। इंग्लैंड में राजकीय परिषद क्यूरिया रेजिस के न्यासत्व अधिकार द्वारा ही इस प्रक्रिया का जन्म हुआ। समयोपरान्त जब क्यूरिया या पार्लिमेंट का ह ...

महिलाओं के यौन उत्पीड़न के खिलाफ कार्यस्थल पर सुरक्षा विधेयक, 2010

महिलाओं के यौन उत्पीड़न के खिलाफ कार्यस्थल पर सुरक्षा विधेयक, 2010 बनाएँ पर 3 अगस्त 2012, सोमवार को मंजूरी दे दी भारत के केंद्रीय मंत्रिमंडल ने संसद में कार्य स्थलों पर महिलाओं के लिए एक सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए सार्वजनिक और निजी दो ...

मानहानि

किसी व्यक्ति, व्यापार, उत्पाद, समूह, सरकार, धर्म या राष्ट्र के प्रतिष्ठा को हानि पहुँचाने वाला असत्य कथन मानहानि कहलाता है। अधिकांश न्यायप्रणालियों में मानहानि के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही के प्रावधान हैं ताकि लोग विभिन्न प्रकार की मानहानियाँ तथा ...

मुकदमा

कानून में मुकदमा एक नागरिक-क्रिया है जो किसी न्यायालय के समक्ष की जाती है। इसमें अभ्यर्थी न्यायालय से विधिक उपचार या साम्या की याचना करता है। अभ्यर्थी की शिकायत पर एक या अधिक प्रतिवादी अपनी सफाई देते हैं। यदि अभ्यर्थी सफल होता है तो न्यायालय उसे ...

मुख्तारनामा

मुख्तारनामा या अधिकार पत्र या letter of attorney) एक लिखित दस्तावेज है जिसमें कोई व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति को यह अधिकार देता है कि वह उसके किसी निजी कार्य, व्यापार या किसी कानूनी कार्य के लिये उसका प्रतिनिधित्व करे । जिसको यह अधिकार दिया जाता ह ...

मूल अधिकार

वे अधिकार जो लोगों के जीवन के लिये अति-आवश्यक या मौलिक समझे जाते हैं उन्हें मूल अधिकार कहा जाता है। प्रत्येक देश के लिखित अथवा अलिखित संविधान में नागरिक के मूल अधिकार को मान्यता दी गई है। ये मूल अधिकार नागरिक को निश्चात्मक रूप में प्राप्त हैं तथा ...

मूल अधिकार (भारत)

मौलिक अधिकार भारत के संविधान के तीसरे भाग में वर्णित भारतीय नागरिकों को प्रदान किगए वे अधिकार हैं जो सामान्य स्थिति में सरकार द्वारा सीमित नहीं किए जा सकते हैं और जिनकी सुरक्षा का प्रहरी सर्वोच्च न्यायालय है। ये अधिकार सभी भारतीय नागरिकों की नागर ...

मृत्युकालिक कथन

साक्ष्य विधि के सन्दर्भ में, मृत्यु के पहले किसी व्यक्ति द्वारा कहे गये अन्तिम बातों को मृत्युकालिक कथन कहते हैं। मृत्युकालिक कथन वह शब्दप्रमाण है जो कुछ प्रकार के मामलों में साक्ष्य के रूप में स्वीकार किया जा सकता है, जबकि किसी अन्य समय कहे गये ...

मैग्ना कार्टा

मैग्ना कार्टा या मैग्ना कार्टा लिबरटैटम् इंग्लैण्ड का एक कानूनी परिपत्र है जो सबसे पहले सन् १२१५ ई में जारी हुआ था। यह लैटिन भाषा में लिखा गया था। मैग्ना कार्टा में इंग्लैण्ड के राजा जॉन ने सामन्तों nobles and barons को कुछ अधिकार दिये; कुछ कानून ...

याचिका

सरकार या किसी सार्वजनिक संस्था से किसी चीज को बदलने की प्रार्थना को याचिका कहते हैं। कानून के क्षेत्र में किसी न्यायालय से किसी तरह का अनुतोष या रिलीफ की माँग करते हुए की गयी प्रार्थना को याचिका कहते हैं।

शब्दकोश

अनुवाद
Free and no ads
no need to download or install

Pino - logical board game which is based on tactics and strategy. In general this is a remix of chess, checkers and corners. The game develops imagination, concentration, teaches how to solve tasks, plan their own actions and of course to think logically. It does not matter how much pieces you have, the main thing is how they are placement!

online intellectual game →